मोबाइल सिम खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव, आप पर क्या असर?
नई दिल्ली। फर्जी कॉल और धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार (यूजर आइडेंटिफिकेशन) नियमों, 2026 को नोटिफाई कर दिया है। इसके तहत, नया मोबाइल सिम कार्ड खरीदने, यूजर की जानकारी अपडेट करने, सिम बंद कराने या दोबारा री-वेरिफिकेशन कराने के लिए बायोमेट्रिक जांच को अनिवार्य कर दिया है। आसान भाषा में समझाएं तो अब नया सिम कार्ड लेने या सिम से जुड़ा कोई भी बड़ा काम कराने के लिए आपको अपना अंगूठा या चेहरा यानी बायोमेट्रिक स्कैन कराना अनिवार्य होगा।
रिपोर्टों के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने यह कदम DoT द्वारा सितंबर 2025 में जारी किए गए नोटिफिकेशन के बाद उठाया है, जिसमें उसने लोगों से सुझाव मांगे थे। नए नियमों के तहत आधार वाले ग्राहकों के लिए e-KYC और अन्य यूजर्स के लिए D-KYC कराना जरूरी होगा। सभी टेलीकॉम कंपनियों को नए सिम कार्ड देने के लिए 'बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम' (BIVS) को लागू करना होगा। टेलीकॉम कंपनियों जैसे- जियो, एयरटेल, Vi को तीन महीने का टाइम इस काम के लिए दिया गया है।
आपके लिए जरूरी है ये बातें जानना
सरकार यानी दूरसंचार विभाग ने इस नियम को लागू किया है, ताकि धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे ऑनलाइन फ्रॉड को रोका जा सके।
नया सिम खरीदने पर, सिम कार्ड री-वेरिफाई (फिर से जांच) कराने पर, सिम में अपनी जानकारी (नाम/पता) अपडेट कराने पर, सिम कार्ड बंद (डिस्कनेक्ट) कराने पर बायोमेट्रिक जांच की जाएगी।
जब भी आप नया सिम लेने या कोई बदलाव कराने जाएंगे, तो आपके पुराने मोबाइल नंबर पर एक मैसेज आएगा। उसमें आपसे पूछा जाएगा कि क्या यह बदलाव आप ही करा रहे हैं? जवाब देने पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
सिम बेचना या किराए पर देना मना
नियमों के अनुसार, आप अपना सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को बेच नहीं सकते। ट्रांसफर नहीं कर सकते और न ही किराए पर दे सकते हैं। फर्जी कागजात देने या नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना होगा।
टेलीकॉम कंपनियों को दिए 3 महीने
Jio, Airtel, Vi और BSNL को बायोमेट्रिक सिस्टम पूरी तरह शुरू करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। कंपनियां इतने समय में तैयार नहीं हो पाती हैं, तो टाइमलाइन को 3 महीने के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
दूसरे के नाम पर नहीं मिलेगा सिम
अब किसी दूसरे के नाम से या बिना खुद दुकान जाए नया सिम नहीं मिलेगा। आपको खुद जाकर बायोमेट्रिक स्कैन कराना होगा।
सिम खरीदते समय फर्जी डॉक्युमेंट्स देने की कोशिश की तो कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना हो सकता है।
सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात
अगर आपके पास मैसेज आए कि आपके नंबर पर सिम री-वेरिफिकेशन या नया सिम जारी करने की रिक्वेस्ट मिली है और वह काम आपने नहीं किया है, तो तुरंत मैसेज का जवाब 'नहीं' में दें। इससे फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा।
इन बातों की ना करें अनदेखी
अपना सिम कार्ड किसी दोस्त, रिश्तेदार या अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें, न ही बेचें।
अगर आपने अपना पता, नाम या अन्य जानकारी बदली है, तो उसे टेलीकॉम कंपनी के सिस्टम में बायोमेट्रिक के जरिए सही समय पर अपडेट करा लें ताकि सर्विस बंद न हो।
सिम खरीदने या बायोमेट्रिक कराने के लिए हमेशा टेलीकॉम कंपनियों के आधिकारिक स्टोर या अधिकृत एजेंटों के पास ही जाएं। कोई भी कंपनी फोन कॉल पर आपसे बायोमेट्रिक डिटेल्स नहीं मांग सकती। ऐसी धोखाधड़ी वाली कॉल से बचें।
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