उच्चस्तरीय बैठक में तय हुई बाढ़ और जलजमाव रोकने की रणनीति तय
उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी मंत्री अग्निमित्रा पाल
कोलकाता । आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जलसंपदा भवन में सिंचाई विभाग तथा विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलभराव, बाढ़ नियंत्रण, तटबंधों की स्थिति, नालों और कैनालों की सफाई तथा जल निकासी व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही पंपिंग स्टेशनों की कार्यक्षमता, तटबंधों की मजबूती और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की रणनीति भी तैयार की गई।
इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को लेकर पहले से ही निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि हल्दीराम एयरपोर्ट क्षेत्र में लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ इलाके का संयुक्त निरीक्षण किया गया है।
मंत्री ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय कई स्थानों पर प्राकृतिक जल निकासी मार्गों और कैनालों को भरकर उनके ऊपर सड़कें बना दी गईं, जिसके कारण बारिश का पानी निकलने का रास्ता बाधित हो गया है। यही वजह है कि कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने बताया कि विभाग के इंजीनियरों ने कैनालों और जल निकासी चैनलों की व्यापक सफाई तथा पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि वर्षा का पानी तेजी से निकल सके और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि वह अगले तीन से चार दिनों के भीतर उत्तर बंगाल के दौरे पर जा रही हैं, जहां मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव की संभावित समस्याओं का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। तीन दिवसीय दौरे के दौरान विभिन्न जिलों में तटबंधों, नदियों और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जाएगी तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
बैठक में अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने, जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने और आवश्यक मशीनरी व संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही आम लोगों को संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करने और समय पर सूचना उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
