यूपी के 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों का बदला स्वरूप: योगी
काशी से राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ, कार्यकर्ताओं से किया सीधा संवाद
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ किया। सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों से सीधा संवाद किया और पोषण अभियान में उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री संध्या को पहचान लिया। संध्या ने बताया कि मुख्यमंत्री गोरखपुर के उनके गांव बसियापुर में आए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए हामी भरी। इस आत्मीय संवाद से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान देखने को मिली। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपने वर्ष 2017 के पहले आंगनबाड़ी केंद्र देखा होगा, ज्यादातर में गंदगी थी। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र में व्यवस्था नहीं थी। समय पर कोई रेसिपी नहीं उपलब्ध होती थी। 2017 में जब हम आये तो पता लगा कि उत्तर प्रदेश का एक शराब माफिया यह रेसिपी सप्लाई करता था। हमने उसके क्वॉलिटी की जांच के आदेश दिए। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे अपना टाट लेकर जाते थे। केन्द्रों में न पेयजल था, न टॉयलेट, न ही कोई हॉट कुक फूड। गलती करता था कोई और गाली पड़ती थी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को। लखनऊ में बैठकर गलती वो लोग करते थे। आपके हिस्से आती थी गाली। मानदेय भी नहीं मिलता था।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की बात करें तो मैं जब जिलों के भ्रमण करने जाता हूँ तो अक्सर आंगनबाड़ी और बाल वाटिका देखने भी जाता हूँ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के भविष्य की नींव को सशक्त बनाने के लिए जो 2014 में कदम बढ़ाए थे, वो जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो ये मॉडल 2001 से अपनाया था। हमने पिछले साढ़े नाै वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया है।
उन्हाेंने कहा कि प्रदेश में पहली बार हुआ है जब आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण में 30 लाख खर्च करके उनको मॉडल बनाया गया है। आज जो पोषाहार वितरित हो रहा है वो हॉट मील के साथ टीएचआर प्लांट से ही सप्लाई दी जा रही है। बच्चों के लिए टॉयलेट, पीने का पानी तथा बाल वाटिका संचालित है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इस अभियान में पांच विषयों को शामिल किया गया है, जिसमें आहार विविधता एवं प्रोटीन युक्त भोजन, केंद्रों पर ताजा गर्म पका हुआ भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं भागीदारी, पोषण एवं प्रारंभिक विकास तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना अभियान प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रों के माध्यम से पांच करोड़ माताओं को 2100 करोड़ से ज्यादे की धनराशि मुहैया कराई गई है। प्रदेश मे एक लाख नब्बे हजार केंद्र स्वीकृत हैं। 40 वर्ष पुराने 2100 विद्यालयों के भवनों को राशि मुहैया कराई गई है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि आंगनवाड़ी बहनें पोषण माह के कार्यक्रम को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि 2017 के पहले तीन हजार मासिक को आज चार गुना बढ़ाकर 12 हजार रुपये करते हुए उनको पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा भी मुहैया कराया गया है।
मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि काशी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने विजन से नए कलेवर के रूप में पहचान दी है। आज काशी, नई आभा नई काया के साथ दुनिया को आकर्षित कर रही है। हमें आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होंने पर हमें कैसा भारत चाहिए ! आत्मनिर्भर और विकसित भारत, लेकिन यह आत्मनिर्भर, विकसित भारत दिल्ली में बनाने से नही होगी। यह आत्मनिर्भर, विकसित भारत गांव और गलियों से होकर निकलेगी। यहां से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल इसके प्रारंभिक केंद्र बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष की थीम ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ को जनभागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि आंगनबाड़ी की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के साथ ग्राम पंचायत, परिवार और पूरा समुदाय अपनी जिम्मेदारी समझे, तभी इसका वास्तविक असर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का बचपन स्वस्थ, सक्षम और शिक्षित होगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने टेक होम राशन (टीएचआर) से बच्चों को मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी ली। योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में गुजरात और ओडिशा से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों से भी संवाद किया। उन्होंने आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों और कुपोषित बच्चों के जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम को केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने भी संबोधित किया।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
