मशरूम उत्पादन में उत्तर प्रदेश बना सिरमौर
देश में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी, किसानों की बढ़ी आय
लखनऊ। कई खाद्य पदार्थो में नंबर एक बनने के बाद यूपी अब बागवानी में 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम उत्पादन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 4.27 लाख मीट्रिक टन मशरूम उत्पादन में उत्तर प्रदेश की लगभग 13 प्रतिशत हिस्सेदारी हो गयी। इससे किसानों की आय बढ़ रही है।
कृषि विपणन, उघान एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। कम भूमि, कम लागत और मात्र तीन से चार सप्ताह में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए लाभप्रद है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मशरूम उत्पादन, कंपोस्ट मेकिंग एवं स्पान मेकिंग की लगभग 30 इकाइयों को 40 प्रतिशत अनुदान पर स्वीकृत किया गया है।
वहीं 200 वर्ग फुट की छप्पर विधि पर आधारित मशरूम इकाइयों के लिए 50 प्रतिशत यानी एक लाख रुपये अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लगभग 80 इकाइयों की स्थापना की गई है। विभाग द्वारा एक लाभार्थी को अधिकतम पांच इकाइयों तक अनुदान दिया जा सकता है। मशरूम उत्पादन खेती किसानों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार और उद्यमिता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। लखनऊ, प्रयागराज, सहारनपुर, मिजार्पुर, जौनपुर, हरदोई, बस्ती, मेरठ, प्रतापगढ़, रायबरेली और सोनभद्र सहित अनेक जनपदों में मशरूम की खेती तेजी से बढ़ रही है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
