गुरु पूर्णिमा पर गुरु-शिष्य परंपरा को किया नमन, संस्कारवान बनने का दिया संदेश
देवरिया। सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर, देवरिया खास में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि वेदव्यास के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
मुख्य वक्ता आचार्य अक्षयबर पति त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलकर चरित्रवान, अनुशासित और राष्ट्रभक्त नागरिक बनने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मान बहादुर सिंह ने कहा कि माता-पिता प्रत्येक व्यक्ति के प्रथम गुरु होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवनभर माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने और उनके आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुरु का सम्मान ही सच्चे ज्ञान और संस्कार की पहचान है।
कार्यक्रम में कक्षा 11 के छात्र आशुतोष ने गुरु महिमा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण का संदेश दिया। वहीं वंदना विभाग के विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर आधारित भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
समारोह में विद्यालय के आचार्यगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने गुरु-शिष्य परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा का संदेश लेकर संपन्न हुआ।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय प्रेम शकर मणि वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में देवरिया व्यूरो के रूप में कार्यरत हैं। सटीक भाषा, तथ्यपरक संपादन और समाचारों को संतुलित रूप देने की उनकी क्षमता उनकी पहचान है।
