विभन्न थानाक्षेत्रों में हुई लाखो की चोरीयों का पर्दाफास,पुलिस मुठभेड़ में 5 गिरफ्तार
मजदूरी करने के बहाने आकार देते थे वारदात को अंजाम
बस्ती - थाना हरैया पुलिस, स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त कार्यवाही में आज शुक्रवार को मुखबीर की सूचना प्राप्त हुई की थाना हरैया क्षेत्र के बभनान रोड पर कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी की योजना बना रहे हैं, इस सूचना पर थाना हरैया पुलिस, स्वाट/सर्विलांस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की गई जिसमें 03 अभियुक्त एक मोटरसाइकिल पर मौके से पकड़े गए तथा 02 अभियुक्तों ने भागने का प्रयास किया जो कुछ दूर जाकर गाड़ी फिसलकर गिर गयी, जिसमें से एक अभियुक्त सुजीत पासी पुत्र मोहनलाल ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया, जवाबी कार्यवाही में पुलिस टीम द्वारा फायर किया गया जिससे अभियुक्त सुजीत पासी पुत्र मोहनलाल निवासी सिंहपुर थाना कमलापुर जनपद सीतापुर (उ0प्र0) के दाहिने पैर में गोली लगी और उसके कब्जे से 01 अवैध तमंचा 315 बोर बरामद किया गया । शेष अन्य चार अभियुक्तों (जगतू पुत्र रामधार निवासी सर्जुपुरवा थाना सकरन जनपद सीतापुर (उ0प्र0),सर्वेश चौहान पुत्र रामप्रसाद निवासी लोनियांपुरवा थाना विस्वा जनपद सीतापुर (उ0प्र0),रामजी चौरसिया पुत्र पप्पू निवासी कुरसंडा थाना कमलापुर जनपद सीतापुर (उ0प्र0),सुधाकर पुत्र रामप्रसाद निवासी सरजूपुरवा थाना सकरन जनपद सीतापुर (उ0प्र0)) को भी मौके से गिरफ्तार किया गया । अभियुक्तो के कब्जे से चोरी करने के औजार सहिंत विभिन्न थानाक्षेत्रों से किये गये चोरी के सामान/आभूषण बरामद किये गये ।
बरामदगी के आधार पर थाना हरैया पर दिनांक 13.06.2026 को पंजीकृत मु0अ0सं0-171/2026 धारा 305(A) BNS व दिनांक 03/07.2026 को पंजीकृत मु0अ0सं0 199/2026 धारा 305(A)/331(4) BNS व अन्य बढ़ोतरी धारा 317(2), 317(4), 111(2)B BNS तथा दो नफर अभियुक्त के विरुद्ध अन्तर्गत धारा 109(1) BNS, धारा 3/25/27 आयुध अधि0 थाना हरैया जनपद बस्ती के तहत गिरफ्तार कर अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण कर मा0 न्यायालय भेजा जा रहा है।पुलिस अधीक्षक बस्ती द्वारा गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को रु0 20,000/- का इनाम घोषित किया गया है।
पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा पूछताछ पर बताया गया कि सभी लोग एक साथ मिलकर एक सिंडीकेट के रुप में संगठित अपराध करते है तथा अपराध से जो भी धनार्जन होता है उसको आर्थिक व दुनियाबी लाभ के लिये खर्च करते है व मौज मस्ती में उड़ा देते है।
अभियुक्त बाहरी इलाकों (जैसे सीतापुर) से किसी नए क्षेत्र में मजदूरी करने के बहाने आते हैं। सबसे पहले ये किसी गाँव को चिन्हित करते हैं और वारदात के लिए देर रात होने का इंतज़ार करते हैं। चोरी करने से ठीक पहले ये अपने पहनावा बदल कर एक ही रात में कई घरों को निशाना बनाते हैं। परिस्थिति के हिसाब से ये एक रात में एक, दो, चार या छह घरों तक में चोरी की वारदात को अंजाम दे देते हैं। चोरी करने के तुरंत बाद ये अपना ठिकाना बदल देते हैं और पुलिस से बचने के लिए उस जगह से 100 से 200 किलोमीटर दूर चले जाते हैं। चुराए गए सामान को ये औने-पौने दामों (सस्ते में) में कहीं भी बेच देते हैं और उन पैसों को खाने-पीने और शराब में खर्च कर देते हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
