हाईस्कूल में विज्ञान और गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा अब 30 अंकों की होगी
यूपी बोर्ड ने बदली व्यवस्था, दोनों विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद कराएगी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों के प्रयोगात्मक कार्य के आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था में बदलाव किया है।
यह जानकारी बुधवार को परिषद के सचिव भगवती सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अब हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान और गृह विज्ञान इन दोनों विषयों की 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित कराई जाएगी। परिषद की ओर से जारी संशोधित विनियम के मुताबिक हाईस्कूल के अन्य विषयों में प्रयोगात्मक कार्य का आंतरिक मूल्यांकन पहले की तरह पांच प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर किया जाएगा। विज्ञान और गृह विज्ञान को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है। इन दोनों विषयों में 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद स्वयं आयोजित करेगी।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगात्मक परीक्षा में प्राप्त अंक और अन्य विषयों में दिए जाने वाले ग्रेड को अंकपत्र में स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा। यह संशोधन परिषद के नियमों के अध्याय-13 के विनियम-3 में किया गया है। सचिव भगवती सिंह ने बताया कि संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों के प्रयोगात्मक कार्य का मूल्यांकन अधिक व्यवस्थित और एक समान तरीके से कराना है। इन दोनों विषयों में अब प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद के स्तर से कराई जाएगी, जबकि अन्य विषयों में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था जारी रहेगी।
परिषद ने निर्देश की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही विद्यालयों को संशोधित व्यवस्था के अनुसार आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिया है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
