सिविल कोर्ट में सप्ताह भर से हड़ताल, कोर्ट ने वकीलों को लगाई फटकार
नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर उठाया था कदम
हाईकोर्ट बोलै वकीलों को लाठी बंटवाने का वीडियो देखा
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ में सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध कब्जे हटाने संबंधी याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने वकीलों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसका विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने कहा कि उसने वकीलों द्वारा लाठियां बंटवाते हुए वीडियो देखे हैं। न्यायालय ने सिविल कोर्ट में एक सप्ताह से चल रही हड़ताल का भी संज्ञान लिया। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। कोर्ट ने पूछा, 'क्या लाठियां बंटवाकर प्रशासन को सही काम करने से रोका जा सकता है?' इस मामले में सेंट्रल बार के अध्यक्ष और महामंत्री ने वकीलों के चैंबर हटाए जाने को लेकर स्वयं बहस की।
ये खबर भी पढ़े : AIBE परीक्षा उत्तीर्ण कर अधिवक्ता बने सीए राजेश गर्ग का बचपन के मित्र गौरव बंसल ने किया सम्मानयह सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ में हुई। दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम की तरफ से 17 मई की सुबह से ही अवैध चैंबर हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी।
हाईकोर्ट ने निबंधन कार्यालय के आसपास नाले के ऊपर बने अवैध चैंबरों को हटाने का आदेश दिया था। आरोप है कि नगर निगम टीम यहां अंतिम समय में कार्रवाई करने पहुंची, जिस पर वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया। पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कुछ ही अवैध चैंबर और दुकानें तोड़ने के बाद नगर निगम और पुलिस को कार्रवाई रोकनी पड़ गई।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
