शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ ताजियों का जुलूस,काशीपुर कर्बला में हुए सुपुर्द-ए-खाक
रामपुर/सैदनगर:थाना अजीमनगर क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व बेहद शांतिपूर्ण,अकीदत और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया।क्षेत्र के विभिन्न गांवों से अकीदतमंदों द्वारा पूरी शिद्दत और मानवता की मिसाल पेश करते हुए ताजियों के जुलूस निकाले गए।इस दौरान पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
थाना क्षेत्र के हकीम गंज,सींगनखेड़ा,खौद,मिश्री नगर और मिलक बहादुर गंज से अकीदतमंदों ने पारंपरिक तरीके से ताजियों के जुलूस की शुरुआत की।इस बार जुलूस का मुख्य आकर्षण मानवता और नियमों का पालन करते हुए बनाए गए 12 फिट के ऊंचे वा भव्य ताजिये रहे।ताजियों की बनावट और उनकी खूबसूरती को देखने के लिए रास्तों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' के नारों और मर्सियाख्वानी के साथ इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया।जुलूस के दौरान सभी गांवों में कौमी एकता और इंसानियत का अनूठा मंजर देखने को मिला।हिंदू-मुस्लिम दोनों ही समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग कर जुलूस को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाया।प्रशासन द्वारा तय की गई गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन किया गया,जिससे कहीं भी यातायात या सुरक्षा व्यवस्था में कोई बाधा नहीं आई।
हकीम गंज,सींगनखेड़ा और अन्य गांवों से शुरू होकर यह जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होते हुए काशिपुर कर्बला पहुंचा।यहाँ गमगीन माहौल में अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया और मुल्क में अमन-चैन की दुआएं मांगीं।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अजीमनगर थाना पुलिस पूरे रास्ते जुलूस के साथ मुस्तैद रही।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
