बस्ती में पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना बनी पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा का मजबूत सहारा
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 18,461 तथा 2025-26 में 18,797 लाभार्थियों को मिला छात्रवृत्ति का लाभ
बस्ती - उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना जनपद के आर्थिक रूप से कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।जनपद बस्ती में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 18,461 छात्र-छात्राओं को पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्रदान किया गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 18,797 तक पहुंच गई है। योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता के साथ विद्यार्थियों को समय पर सहायता मिल रही है।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ उन परिवारों को मिल रहा है जो आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते थे। छात्रवृत्ति मिलने से विद्यार्थियों को पुस्तकें, कॉपी, स्कूल ड्रेस एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। इससे विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ी है तथा शिक्षा के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत हुआ है।पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। यही कारण है कि छात्रवृत्ति योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना ने न केवल विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य को नई दिशा दी है, बल्कि पिछड़े वर्ग के परिवारों में शिक्षा के प्रति जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाया है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
