एक लाख अनाथ बच्चों को पढ़ाई का भरपूर मौका
लखनऊ। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना माता पिता खो चुके असहाय बच्चों के लिए सहारा बन रही है। ऐसे बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो, इसलिए 23 साल आयु तक उन्हें 2500 रुपए प्रतिमाह की सहायता मिलती है। उन्हें कक्षा 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाकर रोजगार दिलाया जाता है।
प्रदेश के 1,09,539 बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, पोषण और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। साथ ही उनके संरक्षक परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
