निगोहां। मंगलवार को निगोहां में चेहल्लुम का जुलूस नम आंखों और गंगा-जमुनी तहजीब के साथ निकाला गया। इस दौरान हिन्दू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। मुस्लिम समुदाय के साथ हिन्दू समुदाय के लोगों ने भी नोहा और मर्सिया पढ़कर इमाम हुसैन को याद किया और मातम में शामिल हुए।
गम-ए-हुसैन की याद में गांव के बड़े चौक से ताजिया उठाए गए। जुलूस जगन टोला और दर्जिन टोला होते हुए कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। रास्ते भर नोहा-मर्सिया की सदा से माहौल गमगीन हो गया। लोगों की आंखें नम हो उठीं। जुलूस में ग्रामीणों के साथ-साथ क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए। हिन्दू समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। जगह-जगह लंगर और छबील का इंतजाम किया गया था।
ताजियादार जलील खान ने बताया कि निगोहां में हर साल की तरह इस बार भी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए सभी समुदाय के लोग एक साथ शामिल हुए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।
कस्बा इंचार्ज अनूप तिवारी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और जुलूस सकुशल संपन्न हुआ। एसओ निगोहां रवींद्र कुमार ने बताया कि चेहल्लुम का जुलूस शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल मौजूद रहा।
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।