नवागत एडीजी रामकुमार ने संभाला कार्यभार
लॉजिस्टिक्स और ह्यूमन राइट्स में दे चुके हैं सेवाएं
गोरखपुर। 1995 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामकुमार ने सोमवार को गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के रूप में अपने कार्यालय पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। उनके कार्यभार संभालते ही पुलिस महकमे में नई कार्यशैली और सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।
रामकुमार इससे पहले लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक (लॉजिस्टिक्स) के पद पर तैनात थे। इसके साथ ही वे एडीजी ह्यूमन राइट्स जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशील मामलों के बेहतर निस्तारण के लिए उनकी पहचान एक सख्त लेकिन संतुलित अधिकारी के रूप में रही है।
मूल रूप से आगरा के रहने वाले रामकुमार ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की है। तकनीकी पृष्ठभूमि होने के कारण वे पुलिस व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और सिस्टम को मजबूत करने के पक्षधर माने जाते हैं। उनके अनुभव का लाभ गोरखपुर जोन की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मिलने की उम्मीद है।
एडीजी के रूप में रामकुमार की प्राथमिकताओं में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाना तथा जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना शामिल माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही जोन के सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर अपराध समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
पदभार ग्रहण के दौरान डीआईजी रेंज गोरखपुर एस. चनप्पा, डीआईजी रेंज बस्ती संजीव त्यागी, एसएसपी गोरखपुर डॉ. कोस्तुभ तथा सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
गोरखपुर जोन में उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पूर्व में भी वे विभिन्न जिम्मेदार पदों पर रहते हुए अपनी कार्यकुशलता का परिचय दे चुके हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके आगमन पर स्वागत करते हुए उनके नेतृत्व में बेहतर कार्य वातावरण और प्रभावी पुलिसिंग की उम्मीद जताई है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले संजय श्रीवास्तव वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के गोरखपुर ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग के साथ वह निरंतर समाचार कवरेज करते हैं।
