राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
लंबित वादों पर मण्डलायुक्त ने जतायी नाराजगी
लखनऊ। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने राजस्व न्यायालयों द्वारा वादों के निस्तारण, कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्तियों तथा निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष विभागवार राजस्व संग्रहण की समीक्षा बैठक में कहा कि वादों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही पांच वर्ष से अधिक लंबित वादोंं को लेकर भी नाराजगी जतायी।
आयुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में मण्डलायुक्त प्रत्येक जनपद के अधिकारियों से लंबित वादों के कारणों की जानकारी प्राप्त करते निर्देश दिए । न्यायालयों में अनावश्यक रूप से लंबित वादों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान मण्डलायुक्त ने 1 वर्ष से अधिक तथा 05 वर्ष से अधिक अवधि से लंबित राजस्व वादों की स्थिति का परीक्षण किया। उन्होंने पाया कि मण्डल के विभिन्न जनपदों एवं तहसीलों में अभी भी ऐसे वादों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की गति प्रभावित हो रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबित वादों की संख्या में अपेक्षित कमी न आना यह दशार्ता है कि जिला एवं तहसील स्तर पर नियमित एवं प्रभावी समीक्षा नहीं की जा रही है। प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी तथा तहसील में उपजिलाधिकारी स्वयं लंबित वादों की नियमित समीक्षा करें।
उन्होंने सभी तहसील प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे राजस्व न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करें तथा प्रत्येक वाद का गुण-दोष के आधार पर निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमानुसार निस्तारण कराएं। साथ ही नामांतरण वादों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रत्येक तहसील में विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। 15 दिनों के भीतर अभियान चलाकर ऐसे समस्त लंबित अविवादित वादों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए तथा इसकी दैनिक एवं साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा संबंधित उपजिलाधिकारी एवं जिलाधिकारी स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूर्ण होने से भूमि अभिलेखों की शुद्धता आयेगी तथा जनता को राहत मिलेगी। इस अवसर पर अपर आयुक्त न्यायिक दीप्ति देव यादव, अपर आयुक्त प्रशासन राधे श्याम, मण्डल के सभी जनपदों के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
