हादसे में मां की ममता बनी ढाल: बच्चे को सीने से लगाकर बचाया, खुद चली गई जान
दवा लेकर लौट रहे परिवार को कार ने मारी टक्कर, हादसे में मां की मौत
- राहगीरों ने कार ड्राइवर को पकड़कर पुलिस को सौपा
बख्शी का तालाब। थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने बाइक सवार परिवार को इतनी बेरहमी से टक्कर मारी कि, मोटरसाइकिल कार के नीचे फंसकर दूर तक घिसटती चली गई। इस भयावह मंजर के बीच, एक 22 साल की मां ने अपनी जान की परवाह न करते हुए, अपने 5 महीने के मासूम बच्चे को छाती से ऐसे चिपकाया कि मौत भी उस बच्चे का बाल बांका नहीं कर पाई। बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन उस ममतामयी मां ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि,यह घटना बख्शी का तालाब क्षेत्र के एयरपोर्ट मोड़ के पास की है। मूल रूप से सीतापुर के रायपुर इलाके के रहने वाले अरुण कुमार कश्यप लखनऊ के जानकीपुरम सेक्टर 6 में रहते हैं और ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालते हैं। करीब डेढ़ साल पहले ही उनकी शादी 22 वर्षीय सिंपी से हुई थी। दोनों का एक 5 महीने का छोटा सा बेटा है, जिसका नाम आर्यन है। बीते दिनों आर्यन की तबीयत अचानक काफी बिगड़ गई थी। बच्चे की दवा कराने के लिए सिंपी अपने देवर अमन और ननद कोमल के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर सीतापुर गई थीं।रात के करीब 9:30 बजे, जब यह पूरा परिवार दवाई लेकर वापस घर लौट रहा था, तभी मौत रास्ते में घात लगाए बैठी थी। जैसे ही उनकी बाइक बख्शी का तालाब के पास एयरपोर्ट मोड़ पर पहुंची, पीछे से आ रही एक काल बनी तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि, मोटरसाइकिल कार के अगले हिस्से में उलझ गई और कार चालक बाइक को घसीटते हुए कुछ दूरी तक ले गया। सड़क पर चीख-पुकार मच गई और बाइक पर बैठे चारों लोग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर बिखर गए।
ये खबर भी पढ़े : राजा राजेश्वर सिंह के प्रयास रंग लाए, मानसून से पहले लालबोझी शारदा सूतिया क्षेत्र में बांध निर्माण पूरा, किसानों में खुशीमौके पर मौजूद लोगो ने बताया है कि, जब कार उनकी तरफ आ रही थी, तो सिंपी को खतरे का अहसास हो गया था। उन्होंने पलक झपकते ही अपनी गोद में बैठे दूधमुंहे बेटे आर्यन को पूरी ताकत से अपने सीने से लगा लिया और खुद कार के झटके को झेल गईं। इसी वजह से मासूम आर्यन को सिर्फ हल्की खरोंचें आईं, लेकिन सिंपी बुरी तरह लहूलुहान हो गईं। राहगीरों ने तुरंत भाग रहे कार ड्राइवर को दौड़ाकर दबोच लिया और पुलिस को फोन घुमाया। मौके पर पहुंची टीम ने ड्राइवर को हिरासत में लिया और सभी घायलों को पास के सौ शैया अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने सिंपी की नाजुक हालत को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन गहरे जख्मों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर, देवर अमन, ननद कोमल और नन्हे आर्यन को शुरुआती इलाज और मरहम-पट्टी के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
