दलित छात्रों का निष्कासन वापस हो : मनोज पासवान
लखनऊ। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में तीन दलित छात्रों के निष्कासन को वापस लेने व उन पर लगाए गए भारी आर्थिक जुर्माने को समाप्त करने की मांग को लेकर समाजवादी छात्र सभा के हजारों कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के 1090 चौराहे पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी को रोकने,छात्रसंघ बहाल करने की भी पुरजोर मांग की।
प्रदर्शन में समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय महासचिव मनोज पासवान सैकड़ों पीड़ित दलित छात्रों के साथ पासवान ने कहा कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद से ही विश्वविद्यालयो में दलित पिछड़े वर्ग के छात्रों पर उत्पीड़न बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ के अम्बेडकर विश्वविद्यालय में विशेष प्रावधान के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति को 50 प्रतिशत सीटें तय है और दलित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए बने इस विश्वविद्यालय में अपनी जायज मांगों को लेकर काम करने दलित छात्रों को निशाना बनाकर उत्पीड़न किया जाता है। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति राजकुमार मित्तल घोर जातिवादी व दलित विरोधी है उनकी शह पर दलित छात्रों के पर लूट व डकैती के आरोप लगाया लगाए हैं। पासवान ने कहा कि अगर छात्रों के ऊपर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस ना ली गई तो समाजवादी पार्टी बड़ा कदम उठाएगी।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा समेत सैकड़ों छात्रों को राजभवन की तरफ जाने से रोक कर पुलिस ने गिरफ्तार कर इको गार्डन भेज दिया।
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