राष्ट्रीय पुरस्कार से कौशाम्बी की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा का बढ़ा मान
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान, बेसिक शिक्षा विभाग ने दी बधाई; नवाचार और समर्पण से बनाई अलग पहचान
कौशाम्बी। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का क्षण है। कंपोजिट विद्यालय रसूलाबाद, कोइलहा, विकासखंड चायल की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के शिक्षक समुदाय में हर्ष का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से कौशाम्बी का नाम भी शिक्षा के क्षेत्र में गौरवान्वित हुआ है।
शालिनी कुशवाहा ने शिक्षण कार्य को महज पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। अपने समर्पण, नवाचार और कर्मठता के माध्यम से उन्होंने विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए। उनकी उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि ग्रामीण अंचल के विद्यालय में की गई सकारात्मक पहल भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकती है।
राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षिका शालिनी कुशवाहा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। विभाग ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। इससे शिक्षकों में नवाचार, समर्पण और बेहतर शिक्षण के लिए नई ऊर्जा का संचार होगा।
बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि किसी शिक्षक को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि संबंधित विद्यालय, जनपद और पूरे शिक्षा परिवार के लिए गौरव का विषय है। शालिनी कुशवाहा ने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से यह साबित किया है कि शिक्षक की सच्ची साधना विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शिक्षा विभाग ने उम्मीद जताई कि शालिनी कुशवाहा की उपलब्धि से जिले के अन्य शिक्षक भी प्रेरित होंगे और विद्यार्थियों की शिक्षा में नए प्रयोग एवं नवाचार को बढ़ावा देंगे। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के शिक्षकों के लिए यह संदेश है कि निष्ठा, नवाचार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति समर्पण से विद्यालय की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
कौशाम्बी की इस शिक्षिका की राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि को जिले के शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
