आषाढ़ मेले में कौशाम्बी पुलिस की मानवीय पहल, खोया-पाया केंद्र ने 20 से अधिक बिछड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाया
सार्वजनिक उद्घोषणा, त्वरित खोजबीन और सतर्क पुलिसिंग से बच्चों, महिलाओं व वृद्धों को सुरक्षित सौंपा गया परिवारों के हवाले
कौशाम्बी। जिले के माता शीतला धाम, कड़ाधाम में आयोजित आषाढ़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कौशाम्बी पुलिस द्वारा स्थापित खोया-पाया केंद्र लगातार संवेदनशील और प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के निर्देशन में संचालित इस केंद्र ने मंगलवार को भी सराहनीय कार्य करते हुए 20 से अधिक बिछड़े श्रद्धालुओं और बच्चों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाया।मेले में भारी भीड़ के बीच अपने परिवार से बिछड़ गए महिलाओं, पुरुषों, वृद्ध महिलाओं और छोटे बच्चों को पुलिसकर्मियों ने खोया-पाया केंद्र पर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया। इसके बाद सार्वजनिक उद्घोषणा, पूछताछ और सतर्क खोजबीन के माध्यम से उनकी पहचान सुनिश्चित कर अल्प समय में उनके परिजनों का पता लगाया गया। सभी बिछड़े श्रद्धालुओं को सकुशल उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने परिजनों से दोबारा मिलने पर श्रद्धालुओं और उनके परिवारजनों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। परिजनों ने त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील व्यवहार और मानवीय सेवा के लिए कौशाम्बी पुलिस का आभार व्यक्त किया।पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के निर्देशन में मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ जनसेवा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस बल लगातार श्रद्धालुओं की सहायता, मार्गदर्शन और आपात परिस्थितियों में तत्काल राहत उपलब्ध कराने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि सभी श्रद्धालु शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में माता शीतला के दर्शन-पूजन कर सकें।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
