वार्ड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में योजनाओं की दी जानकारी
बदायूं। नगर पालिका परिषद बदायूं सहित नगर पंचायत कुवंरगांव में वार्ड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, शिक्षा, कल्याण और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बाल श्रम, बाल विवाह, नशे की लत और साइबर अपराध जैसी सामाजिक समस्याओं से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार की नवीन गाइडलाइन के अनुसार मिशन वात्सल्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नगर स्तर एवं वार्ड स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के माध्यम से बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण को सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में प्रतीक्षा मिश्रा ने महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से संबंधित जानकारी देते हुए साइबर सुरक्षा और वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने महिला एवं बालिकाओं तथा बच्चों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी।
ये खबर भी पढ़े : उच्चाधिकारियों ने भदेश्वरनाथ मंदिर का निरीक्षण कर लिया सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का जायजा जिला मिशन समन्वयक हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन छवि वैश्य ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह दंपति पुरस्कार, दहेज प्रथा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, दहेज के कारण परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता तथा निराश्रित महिला की पुत्री की शादी के लिए अनुदान सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील की।
संरक्षण अधिकारी रवि कुमार ने बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर, मस्जिद, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, ढाबों, दुकानों एवं कारखानों आदि स्थानों पर बाल श्रम या भिक्षावृत्ति में लिप्त 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को रेस्क्यू कर उनके पुनर्वासन की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे को किसी प्रकार की समस्या होने पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। बैठक में बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए लोगों को जागरूक करते हुए बाल विवाह कराने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में बताया गया। महिलाओं एवं बालिकाओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ पॉश एक्ट के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।
अधिकारियों ने बताया कि वार्ड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के माध्यम से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना, स्पॉन्शरशिप योजना एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। बैठक में मौजूद महिलाओं एवं बच्चों ने योजनाओं एवं विभिन्न कानूनों से संबंधित जानकारी में उत्सुकता दिखाई। बताया गया कि इन योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी कलेक्ट्रेट स्थित जिला प्रोबेशन कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
