संत कबीर नगर, आज पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* द्वारा पुलिस कार्यालय पर जनपद के समस्त अभियोजन अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई । इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गंभीर एवं चिन्हित अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को त्वरित व कठोर सजा दिलाना तथा कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना रहा ।
गंभीर एवं विशेष अधिनियमों की समीक्षा: बैठक में पाक्सो एक्ट (POCSO Act), एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act), गैंगेस्टर एक्ट, और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई । पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए । जघन्य अपराधों पर कड़ा रुख: धारा 302/304 भादवि (हत्या/गैर-इरादतन हत्या), 395/397 भादवि (डकैती/लूट) और 364 भादवि (अपहरण) जैसे जघन्य अपराधों के मुकदमों में अभियोजन की कार्यवाही को तेज करने के निर्देश दिए गए ।
गुण्डा नियंत्रण अधिनियम: जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शातिर अपराधियों के विरुद्ध गुण्डा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई और उनके जिला बदर/निषेधाज्ञा की स्थिति की समीक्षा की गई । गवाहों की सुरक्षा और गवाही (साक्षीगण का विवरण) । सत्र न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित मुकदमों में साक्षीगण (गवाहों) की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया गया । पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गवाहों को समय से सम्मन तामीला कराया जाए ताकि न्यायालय में गवाही की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके और मामलों का निस्तारण समय से हो साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा यह भी निर्देशित किय गया कि सभी अभियोजन अधिकारी पुलिस जांच अधिकारियों (IO) से निरंतर समन्वय बनाए रखें, ताकि न्यायालय में केस डायरी और साक्ष्य मजबूती से प्रस्तुत किए जा सकें ।
सजा का चिन्हित (सेंसिटिव) अपराधों में अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग किया जाए । इस समीक्षा बैठक के दौरान अभियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित पुलिस कार्यालय के अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे ।