इटौंजा में धड़ल्ले से जारी अवैध मिट्टी खनन, रक्षक बने भक्षक, ₹1400 में बिक रही ट्रॉली
बख्शी का तालाब। इटौंजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिना किसी कानूनी डर के धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन का काला कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है और इसे ₹1400 प्रति ट्रॉली के हिसाब से खुलेआम बेचा जा रहा है।
इस अवैध कारोबार में सबसे चौंकाने वाली भूमिका स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि, हल्का दरोगा और सिपाही अपने क्षेत्र में गश्त करने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं। खनन माफिया बिना किसी परमिशन या रॉयल्टी के सरकारी और निजी जमीनों को खोखला कर रहे हैं, लेकिन खाकी मूकदर्शक बनी हुई है।
यही हाल तहसील प्रशासन का भी है। क्षेत्र के जिम्मेदार राजस्व कानूनगो और लेखपाल भी इस गंभीर मामले पर आंखें मूंदे बैठे हैं। जब पीड़ित ग्रामीणों ने इस संबंध में कानूनगो से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए पल्ला झाड़ लिया। कानूनगो ने शिकायतकर्ताओं से दो टूक कहा, "मेरे पास मत आओ, सीधे तहसीलदार के पास जाओ और वहीं से कार्रवाई करवाओ।
प्रशासनिक अधिकारियों की इस लापरवाही से साफ है कि खनन माफियाओं को स्थानीय तंत्र का पूरा संरक्षण प्राप्त है। मिट्टी लदे ओवरलोड ट्रैक्टरों के कारण ग्रामीण सड़कें टूट रही हैं और धूल के गुबार से स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो चुका है। ग्रामीणों ने अब इस मामले की शिकायत सीधे लखनऊ के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से करने का मन बनाया है, ताकि इस सिंडिकेट पर नकेल कसी जा सके।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
