लखनऊ। दहेज में दस लाख रुपये व लग्जरी कार की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित किया गया। परेशान होकर पीड़िता मायके आ गयी। मायकेवालों ने समझाया लेकिन दहेजलोभी मांग पर अड़े रहे। इसी दौरान पति ससुराल पहुंचा और गाली-गलौज कर तीन तलाक देकर धमकाते हुए चला गया। पीड़िता ने मदेयगंज थाने में पति समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
खदरा रूपपुर निवासी 26 वर्षीय शिफा खान ने बताया कि 25 नवंबर 2019 को शाहजहांपुर के जंगला के रहने वाले शादमान अहमद से मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में शिफा के पिता नासिर खान ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दहेज दिया था। शादी के कुछ समय से ही पति शादमान, ससुर यामीन अहमद और सास रेहाना परवीन ने कम दहेज को लेकर ताना देना शुरु कर दिया। पीड़िता चुपचाप सहन करती रही। इसके बाद पति व उसके घरवालों ने दस लाख और एक कार की मांग को लेकर शिफा को प्रताड़ित करना शुरु कर दिया। पीड़िता ने आपबीती पिता को बतायी तो उन्होंने असमर्थता जतायी। मांग पूरी न होने पर शिफा से ससुराल में मारपीट की गयी। अत्याचार होने पर भी पीड़िता लोकलाज व परिवार बचाने के लिए सब कुछ सहन करती रही। 13 दिसंबर 2020 को पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया।
अस्पताल से आने के बाद साजिश के तहत पीड़िता का कमरा बदल दिया गया। विरोध करने पर सास व पति ने गाली-गलौज कर घर से बाहर करने की धमकी दी। जानकारी पर मायकेवाले शिफा को अपने साथ मायके ले गए। करीब आठ माह बाद पति शादमान अपने माता-पिता संग ससुराल पहुंचा और गलती मानते हुए शिफा को अपने साथ ले गए। दो हफ्ते बाद आरोपितों ने फिर से दहेज की मांग की।
प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर पीड़िता 18 मई 2025 को मायके आ गयी। मायकेवालों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन ससुरालवाले अपनी मांग पर अड़े रहे। दो जुलाई को शादमान ससुराल पहुंचा और बच्चे को ले जाने की मांग की। इंकार पर गाली-गलौज कर तीन तलाक दे दिया। विरोध पर धमकाते हुए चला गया। पीड़िता ने मदेयगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसओ अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।