निगोहां, लखनऊ। लखनऊ-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित दखिना टोल प्लाजा गुरुवार सुबह वाहनों के भारी दबाव के चलते जाम की चपेट में आ गया। टीजीटी परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों, उनके परिजनों तथा अन्य यात्रियों के वाहनों की अचानक बढ़ी संख्या के कारण टोल प्लाजा की सभी लेनों पर लंबी कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते रहे, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह लगभग साढ़े छह बजे से टोल प्लाजा पर वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू हो गया था। देखते ही देखते चारपहिया वाहनों, बसों और अन्य वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। टोल पार करने के लिए लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वाहन चालकों को अपने वाहनों में बैठकर लंबे समय तक धूप और गर्मी झेलनी पड़ी।वाहन चालकों का कहना है कि वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ कई फास्टैग स्कैनर ठीक से काम नहीं कर रहे थे।
कुछ वाहनों के फास्टैग पढ़ने में दिक्कत आने और भुगतान प्रक्रिया में देरी होने से टोल लेनों पर दबाव बढ़ता चला गया। इससे वाहनों की निकासी धीमी हो गई और कतारें लगातार लंबी होती चली गईं।जाम में फंसे कई वाहन चालकों ने जब देरी का कारण जानना चाहा तो उनकी टोल कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि बाद में टोल कर्मचारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सामान्य कराने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दखिना टोल प्लाजा पर जाम अब आम समस्या बन चुकी है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। गर्मी की छुट्टियों के कारण बाहरी जिलों और राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
ग्रामीणों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों का कहना है कि कई बार वाहनों की कतार टोल प्लाजा से निकलकर हाईवे तक पहुंच जाती है। इससे पीछे से आने वाले वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि बढ़ते यातायात के अनुरूप टोल प्रबंधन की व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं।राहगीरों का कहना है कि फास्टैग लेनों में तकनीकी खामी आने पर पूरे टोल प्लाजा की व्यवस्था प्रभावित हो जाती है।
उन्होंने टोल प्रबंधन से अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, फास्टैग सिस्टम की नियमित जांच और भीड़भाड़ वाले दिनों में विशेष यातायात प्रबंधन की व्यवस्था किए जाने की मांग की है ताकि यात्रियों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।दखिना टोल प्लाजा के मैनेजर राकेश सिंह ने बताया कि टीजीटी परीक्षा के कारण गुरुवार सुबह अचानक वाहनों की संख्या बढ़ गई थी। कुछ वाहनों के फास्टैग में तकनीकी समस्या आने से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिसके कारण थोड़ी देर के लिए वाहनों की कतार लग गई।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए यातायात को सुचारु कराया, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए।उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसे अवसरों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।