महिलाओं को फ्री बस सेवा, बंगाल के शुभेंदू ने पकड़ी योगी की डोर!
बीजेपी नीत राज्यों में यूपी पहला प्रदेश जहां सरकार ने शुरू की योजना, 60 या इससे ऊपर निशुल्क
रवि गुप्ता
- 2017 में यूपी का सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च कर दी थी रक्षाबंधन पर्व पर फ्री यात्रा स्कीम
- लगातार नौ साल 2026 तक निरंतर चलती आ रही योजना, 2019-20 कोरोनाकाल में भी नहीं थमा कावां
- दिल्ली समेत कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, केरलम व जम्मू कश्मीर में लागू है स्कीम
लखनऊ। कहते हैं किसी भी राज्य या केंद्र में चाहे किसी भी तरह की या फिर किसी भी राजनीतिक दल की सरकार किसी भी स्थिति-परिस्थिति में बने, मगर उसके शासनकाल में कुछ ऐसी जनकल्याणकारी योजनायें होती हैं जो अपने ऐलान होने, उसके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन होने और फिर इसका जमीनी तौर पर पात्र लोगों को लाभ मिलने के लिये हमेशा से याद किये जाते हैं। देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अपने नौ साल पूरे कर लिये हैं और आगे चंद दिनों बाद रक्षाबंधन त्यौहार आने वाला है।
ऐसे में हर बार की इस दफा भी योगी सरकार ने 2017 अपने प्रथम शासनकाल से लेकर निरंतर नौवें साल यानी 2026 तक इस खास पर्व पर कुछ दिनों के लिये महिला यात्रियों के लिये पूरी तरह निशुल्क रोडवेज बस सेवा का उपहार देने जा रहा। लेकिन अब इस उपहार में और इजाफा होने जा रहा है, क्योंकि योगी सरकार इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए अब देश के कुछ अन्य राज्यों की तरह अपने यहां 60 साल से ऊपर सभी पात्र महिला यात्रियों के लिये पूरी तरह निशुल्क रोडवेज बस सेवा स्कीम को लागू कर दिया है। यानी अब यूपी में केवल रक्षाबंधन जैसे खास मौके पर ही नहीं बल्कि सीनियर सिटीजन रूपी 60 साल या इससे ऊपर की महिलाओं के लिये रोडवेज बस सेवा हमेशा के लिये निशुल्क रहेगी।
वैसे बता दें कि सीएम योगी पूरे देश में बीजेपी नीत जितने भी राज्य हैं, उनमें से पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने एक खास आयु श्रेणी की महिलाओं के लिये पूरी तरह निशुल्क रोडवेज बस सेवा स्कीम को लागू किया है। हालांकि केजरीवाल सरकार के समय से ही दिल्ली राज्य में महिला यात्रियों को अभी भी बीजेपी महिला सीएम रेखा गुप्ता के शासनकाल में भी इसका लाभ मिल रहा। जबकि भागीरथ प्रयास के बाद पश्चिम बंगाल में बनी भाजपा नीत सरकार के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जून 2026 में ही योगी के इस स्कीम की डोर को पकड़ते हुए अपने यहां भी लागू कर दिया।
गौर करने वाला पहलू एक यह भी है कि महिला यात्रियों के लिये यह मुफ्त परिवहन सेवा कुछ गैर बीजेपी शासित राज्यों मसलन, तेलंगाना, तमिलानाडु, पंजाब, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक में पहले से ही जबकि आंध्र प्रदेश व पश्चिम बंगाल में इसी साल 2026 में इसकी शुरूआत की गयी। वहीं कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां 100 के बजाये महिला यात्रियों के लिये 50 फीसद राहत रोडवेज बस किराये में प्रदान किया गया है जिनमें राजस्थान सहित कुछ और राज्य हैं।
वहीं यूपी की बात करें योगी सरकार में चल रहे रक्षाबंधन स्कीम के तहत अगस्त 2017 में 11 लाख 16 हजार, अगस्त 2018 में 11 लाख 70 हजार, अगस्त 2019 में 12 लाख चार हजार, सितंबर 2020 में सात लाख 36 हजार, अगस्त 2021 में नौ लाख 64 हजार, अगस्त 2022 में 22 लाख 32 हजार दो दिन, अगस्त 2023 में दो दिन 29 लाख 54 हजार, अगस्त 2024 में दो दिन 19 लाख 75 हजार, अगस्त 2025 में तीन दिन 77 लाख 13 हजार और अब अगस्त 2026 में तीन दिन क्रमश: 27 अगस्त को सुबह छह बजे से लेकर 29 अगस्त रात्रि 12 बजे तक यह स्कीम लागू रहेगी। यानी कुल मिलाकर जैसे जैसे योगी की यह योजना प्रचारित और प्रसारित होती गयी तो साल दर साल इस सेवा को लेकर प्रदेश की महिला यात्रियों के बीच रूचि बढ़ती गयी।
महिला यात्रियों को 100 फीसद बस सेवा फ्री वाले राज्य...!
कर्नाटक, शक्ति स्कीम केएसआरटीसी, तेलंगाना, महालक्ष्मी स्कीम टीजीएसआरटीसी, आंध्र प्रदेश स्त्री शक्ति स्कीम अगस्त 2025, तमिलनाडु विडियॉल, वेत्री पयानम स्कीम, पंजाब पीआरटीसी, केरलम प्रियदर्शनी स्कीम केएसआरटीसी, जून 2026, दिल्ली यूनियन टेरिटरी, डीटीसी पिंक सहेली स्मार्टकार्ड, जम्मू कश्मीर यूटी, जेकेआरटीसी, पश्चिम बंगाल जून 2026।
50 फीसद व अन्य छूट देने वाले राज्य...!
वहीं महिला यात्रियो को 50 फीसद रोडवेज बस सेवा में राहत देने वाले राजस्थान आरएसआरटीसी, हिमाचल प्रदेश एचआरटीसी, गोवा माझी बस नाम से सेवा संचालित। वहीं चंडीगढ़ में स्थानीय स्तर पर चलने वाली सभी महिलाओं के लिए बस यात्रा सामान्य तौर पर नि:शुल्क नहीं है। हालांकि, पंजाब सरकार की मुफ्त बस सेवा योजना के तहत पंजाब की महिला निवासी राज्य की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं, और चंडीगढ़ प्रशासन केवल कुछ खास त्योहारों (जैसे रक्षाबंधन) पर ही विशेष छूट देता है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
