अध्यापक भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच फीसद अर्हता छूट बरकरार
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में दी गई संस्तुति को यथावत रखा
- मांग,आयोग की संस्तुतियों का तत्काल अनुपालन करें व संशोधित परीक्षा परिणाम घोषित की जाये
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 से संबंधित वाद संख्या 2019 में महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए आयोग द्वारा 05 जनवरी 2022 को दी गई संस्तुति को पुन: यथावत प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। आयोग की 16 जून 2026 को सम्पन्न बैठक में सर्वसम्मति से पारित निर्णय में कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना एवं उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में 5 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाना विधिसम्मत है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में ओबीसी अभ्यर्थियों को 150 में 60 अंक (40 प्रतिशत) प्राप्त होने पर उत्तीर्ण माना जाए। साथ ही परीक्षा परिणाम संशोधित कर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सूची आयोग को उपलब्ध कराई जाए। आयोग ने अपने निर्णय में यह भी उल्लेख किया कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती, जूनियर (एडेड) सहायक अध्यापक भर्ती तथा सहायक अध्यापक भर्ती-2021 में अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई थी।
ऐसी स्थिति में केवल 68500 भर्ती-2018 के डइउ अभ्यर्थियों को इस लाभ से वंचित रखना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 में निहित समानता एवं समान अवसर के अधिकार के विपरीत है। आयोग ने यह भी कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों तथा न्यायालयों के आदेशों का परीक्षण करने पर ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया जिससे यह सिद्ध हो कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में ओबीसी अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अर्हता छूट प्रदान करने पर कोई कानूनी प्रतिबंध या न्यायिक रोक विद्यमान है।
निर्णय में आयोग ने यह भी संस्तुति की है कि 05 जनवरी 2022 की आयोगीय संस्तुति तथा उसके अनुपालन संबंधी पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई न करने एवं आरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए।
ऐसे में इस निर्णय से वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे 68500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 के हजारों ओबीसी अभ्यर्थियों में नई आशा का संचार हुआ है। प्रकरण की पैरवी कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि आयोग ने लगातार दूसरी बार ओबीसी अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों को स्वीकार किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि आयोग की संस्तुतियों का तत्काल अनुपालन करते हुए संशोधित परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए तथा पात्र अभ्यर्थियों को शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
