जालाैन की 04 ग्राम पंचायतों में 1.28 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता
जिलाधिकारी ने दिए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
उरई। उत्तर प्रदेश के जनपद जालाैन में ग्राम पंचायतों के वर्ष 2019-20 के ऑडिट में सामने आईं वित्तीय अनियमितताओं पर वित्तीय अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने साेमवार काे बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया है कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत सचिव प्रशांत सुभाष दुबे व पूर्व ग्राम प्रधानों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए तथा शासकीय धनराशि की भू-राजस्व की भांति वसूली सुनिश्चित कराई जाए।
सहायक निदेशक/जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत, उरई की ऑडिट रिपोर्ट में विकास खंड नदीगांव की चार ग्राम पंचायतों पूर्व प्रधान रितुराज गुर्जर गंथरा, पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह तीतरा खलीलपुर, पूर्व प्रधान जगत सिंह धंजा और पूर्व प्रधान जनक दुलारी क्योलारी पर वर्ष 2019-20 के दौरान विकास कार्यों के नाम पर किए गए व्यय में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। जांच में कैशबुक, माप पुस्तिका, स्टॉक रजिस्टर, व्यय प्रमाणक, कार्यवाही रजिस्टर सहित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे व्यय की पुष्टि नहीं हो सकी। कई मामलों में अभिलेख जानबूझकर प्रस्तुत न करने तथा मनमाने ढंग से शासकीय धनराशि खर्च करने की बात भी सामने आई। चारों ग्राम पंचायतों में कुल 1,28,02,096 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इसमें ग्राम पंचायत गंथरा में 13,05,477 रुपए , तीतरा खलीलपुर में 51,64,890 रुपए , धंजा में 19,03,570 रुपए तथा क्योलारी में 44,28,159 रुपए की अनियमित धनराशि दर्ज की गई है। इन सभी प्रकरणों में तत्कालीन ग्राम प्रधान रितुराज गुर्जर गंगथरा, पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह तीतरा खलीलपुर, पूर्व प्रधान जगत सिंह धंजा और पूर्व प्रधान जनक दुलारी क्योलारी एवं ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत सचिव प्रशांत सुभाष दुबे से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।
ये खबर भी पढ़े : तीन पीढ़ियों से न्याय की मिसाल: माथुर परिवार की वकालत की 76 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत शासकीय धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिला विकास अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कराकर वसूली की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए सरकारी धन का एक-एक रुपया दोषियों से वसूल किया जाए तथा भविष्य में ऐसी अनियमितता करने वालों के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
