पिता से नहीं छूटी शराब,बेटी ने छोड़ दिया दुनिया
-बीकेटी में शराबी पिता से तंग आकर लगाई फांसी
-पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
लखनऊ। मंगलवार बीकेटी थाना इलाके में पिता की शराब के लत,घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की सारी हदें पार कर दी। पिता शराब तो छोड़ न सका लेकिन बेटी ने दुनिया ही छोड़ दी। बेटी ने तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक़ बीकेटी इलाके के मदारीपुर गांव में घरेलू हिंसा और पिता के रोज-रोज के टॉर्चर से तंग आकर 14 साल की एक मासूम बच्ची ने मौत को गले लगा लिया। कक्षा नौ की छात्रा माही गौतम ने अपने ही घर के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह है कि माही ने अपनी जान लेने के लिए उसी फंदे का इस्तेमाल किया, जिसे कुछ देर पहले उसके शराबी पिता ने ड्रामा करने के लिए छत के एंगल से लटकाया था। इस खौफनाक कदम के बाद पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। बदहवास मां की रो-रोकर हालत खराब है और उसकी तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता को दबोच लिया है।
मासूम माही के मामा राजकुमार ने बताया कि उसका बहनोई धर्मेंद्र पिछले काफी समय से शराब का आदी हो चुका है। शराब के नशे में वह सुध-बुध खो बैठता था और अपनी पत्नी गीता, बेटे अंकुश, बेटी माही और ज्योति को बेरहमी से पीटता था। पिछले दो दिनों से तो घर में नरक जैसे हालात बने हुए थे। धर्मेंद्र हाथ में बांका लेकर अपनी पत्नी और बच्चों को काटने के लिए दौड़ रहा था। अपनी जान बचाने के लिए डरी-सहमी पत्नी बच्चों को लेकर पड़ोसियों के घर में छिपने को मजबूर थी।
सोमवार को नागपंचमी का त्योहार था। बच्चों को लगा कि, शायद आज के दिन पिता शांत रहेगा। लेकिन धर्मेंद्र ने सुबह ही अपना मोबाइल बेच दिया और उन पैसों से शराब खरीदकर पीने बैठ गया। दोपहर में जब पत्नी बच्चों को लेकर त्योहार मनाने घर लौटी, तो धर्मेंद्र फिर से हिंसक हो उठा। उसने घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। नशे में चिल्लाते हुए उसने कमरे की छत के लोहे के एंगल से कंबल का एक फंदा लटका दिया और खुदकुशी करने की धमकी देने लगा। यह देख उसकी पत्नी चिल्लाई और आस-पड़ोस के लोगों को बुलाकर धर्मेंद्र को फंदे से नीचे उतारा।
इस हंगामे के बाद धर्मेंद्र का गुस्सा और बढ़ गया। वह सड़क पर आकर अपनी पत्नी, बच्चों और बीच-बचाव करने आए पड़ोसियों को सरेआम गंदी-गंदी गालियां देने लगा। समाज के सामने रोज-रोज होने वाली इस जिल्लत और पिता की हैवानियत ने 14 साल की माही को अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया। जब सब लोग बाहर सड़क पर बहस कर रहे थे, माही चुपचाप अंदर कमरे में गई। उसने उसी कंबल के फंदे को अपने गले में डाल लिया जिसे कुछ देर पहले उसके पिता ने बांधा था।
काफी देर तक जब माही बाहर नहीं आई, तो मां गीता उसे देखने कमरे में गई। अंदर का नजारा देखते ही मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। माही फंदे पर झूल रही थी। मां की चीख सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने उसे तुरंत नीचे उतारा और इलाज के लिए सीधे सौ शैय्या अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। त्योहार के दिन घर का दीया बुझने से कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पिता सलाखों के पीछे है।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
