प्रयागराज के गऊघाट में सैकड़ों साल से बसी गरीब बस्तियों को उजाड़ने की भाकपा माले ने निंदा की
गरीबों को उजाड़ने के खिलाफ भाकपा माले करेंगी आंदोलन- सुनील मौर्य,जिला प्रभारी भाकपा माले
प्रयागराज। प्रयागराज के गऊ घाट इलाके में सैकड़ो साल से बसी रेलवे की जमीन पर बस्तियों को बुलडोजर चलाकर उजाड़ें जाने का भाकपा माले ने दौरा किया। भाकपा माले के प्रतिनिधि मंडल जिसमें राज्य कमेटी सदस्य सुनील मौर्य,मनीष कुमार व इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) की प्रदेश उपाध्यक्ष राधा शामिल रही। प्रतिनिधिमंडल द्वारा रात में गरीबों की बस्तियों को उजाड़ने के लिए बुलडोजर और पुलिसिया बल का बेरहमी से प्रयोग करने,लाठी मारने व पुरुष पुलिस के द्वारा महिलाओं पर लाठी मारने की कठोर शब्दों में निंदा की गई। प्रतिनिधि मंडल द्वारा बुलडोजर चलाए गए परिवारों से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करने व गरीबों को उजाड़ने से पहले बसाने की मांग को उठाते हुए आंदोलन करने का आवाहन किया।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल राज्य कमेटी सदस्य व जिला प्रभारी कॉ. सुनील मौर्य ने कहा कि पूरे देश में डबल इंजन की सरकार का विकास गरीबों को उजाड़ करके किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना जमीन और घर उपलब्ध कराए सैकड़ो साल से सरकारी जमीनों पर रह रहे गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। भाजपा का बुलडोजर भारतीय संविधान में दिए गए मूलभूत अधिकारों को ध्वस्त करता हुआ गरीबों को बेघर कर रहा है जिसके खिलाफ भाकपा माले द्वारा प्रदेश भर में आंदोलन चलाया जा रहा है और इस सवाल को भी मजबूती के साथ उठते हुए रहने के लिए जमीन, मकान और रोजगार के साथ बच्चों की शिक्षा का बंदोबस्त किए जाने की मांग भी प्रमुखता के साथ उठाई जाएगी और पूरा नहीं होने पर प्रदेशव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल राज्य कमेटी सदस्य व प्रदेश अध्यक्ष आइसा उत्तर प्रदेश मनीष कुमार ने कहा कि प्रयागराज के गऊघाट में गरीबों को उजाड़ने की घटना कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि पूरे प्रयागराज के अलग-अलग हिस्से में गरीब परिवारों को बेघर कर उन्हें उजाला जा रहा है तथा जो लोग भी इस पर आवाज उठा रहे हैं उनके साथ पुलिसिया दमन उत्पीड़न और मुकदमा दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है यह न सिर्फ खतरनाक है बल्कि कानून के शासन की बजाय तानाशाही और संविधान विरोधी रवैया को दिखाता है। मौजूदा सरकार को छोटे-छोटे बच्चों की शिक्षा और बड़े बुजुर्गों के स्वास्थ्य की कोई परवाह नहीं है उन्हें घरों से उजाड़कर कर सड़कों पर चिलचिलाती धूप में तड़पने के लिए मजबूर कर दिया है। गरीबों के ऊपर बढ़ते संविधान विरोधी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरवाईए की प्रदेश उपाध्यक्ष राधा ने देर रात में महिलाओं के साथ की गई पुलिसिया पर बर्बरता की निंदा करते हुए कहा कि एक तरफ मौजूदा सरकार नारी वंदन का ढोंग करती है और वही दूसरी तरफ देर रात को महिलाओं के साथ बदसलू की उनके ऊपर लाठी मारना और उन्हें घरों से बेघर करना जैसे जघन्य ने अपराध करती है। महिलाओं,बच्चों व बुजुर्गों को घरों से उजड़ कर देकर करना संविधान विरोधी होने के साथ-साथ मानव अधिकार के बुनियादी मूल्यों के खिलाफ है इसके खिलाफ पूरे प्रदेश भर में आंदोलन चलाया जाएगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
