सहालग से पहले बढ़ी चिंता, मैरिज लॉनों की पार्किंग अव्यवस्था से जाम में फंस रहा शहर
शादी समारोहों में सड़क किनारे खड़े हो रहे वाहन, लगन के मौसम में अंबेडकरनगर की यातायात व्यवस्था चरमराने की आशंका
अंबेडकरनगर। सहालग का मौसम शुरू होने से पहले ही अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। शहर और आसपास के इलाकों में संचालित मैरिज लॉनों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण शादी समारोहों के दौरान सड़कें जाम से जूझ रही हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो लगन के सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।
जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में करीब दो दर्जन मैरिज लॉन संचालित बताए जा रहे हैं। इनमें से कई मैरिज लॉनों में बड़ी संख्या में आने वाले मेहमानों के वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसका सीधा असर प्रमुख सड़कों और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ रहा है।शहजादपुर क्षेत्र में पहतीपुर रोड, दोस्तपुर रोड और मालीपुर रोड के अलावा अकबरपुर में अयोध्या रोड, टांडा रोड और बसखारी रोड पर बड़ी संख्या में मैरिज लॉन संचालित हैं। शादी समारोहों के दौरान इन मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है।
सड़क किनारे खड़े वाहन बढ़ा रहे परेशानी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार शादी समारोह में शामिल होने आने वाले लोग पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने पर अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। कई बार सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े होने से वाहनों के गुजरने के लिए बहुत कम जगह बचती है।
शाम के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। यातायात का दबाव बढ़ने के साथ प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और अन्य यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।लोगों का कहना है कि कई बार जाम इतना लंबा हो जाता है कि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में एक से दो घंटे तक अतिरिक्त समय लग जाता है। खासकर शादी समारोह समाप्त होने के समय एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के निकलने से स्थिति और भी बिगड़ जाती है।
सहालग में और बढ़ सकती है समस्या
आने वाले महीनों में सहालग शुरू होने के साथ ही शादी समारोहों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में एक ही दिन कई मैरिज लॉनों में कार्यक्रम होने पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी समारोह आयोजित करने वाले मैरिज लॉन संचालकों को पार्किंग और वाहनों की आवाजाही की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। उनका कहना है कि निजी समारोहों की अव्यवस्था का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए।नागरिकों का मानना है कि मैरिज लॉन संचालकों को क्षमता के अनुसार ही बुकिंग करनी चाहिए और वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकती है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को शहर में संचालित सभी मैरिज लॉनों की पार्किंग व्यवस्था की जांच करानी चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि जिन मैरिज लॉनों में पर्याप्त पार्किंग की सुविधा नहीं है, वहां नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही शादी समारोहों के दौरान सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।लोगों का कहना है कि यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सहालग शुरू होने से पहले ही प्रमुख मार्गों पर विशेष योजना बनानी चाहिए, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।
समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो बढ़ेगी मुश्किल
अंबेडकरनगर के लोगों का कहना है कि शहर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच यातायात व्यवस्था पहले से ही कई स्थानों पर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में मैरिज लॉनों के बाहर अव्यवस्थित पार्किंग समस्या को और गंभीर बना रही है।स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए तो सहालग के दिनों में जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कें घंटों जाम में फंसी रह सकती हैं।
अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और यातायात विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। शहरवासियों को उम्मीद है कि सहालग शुरू होने से पहले मैरिज लॉनों की पार्किंग व्यवस्था की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि शादी की खुशियों के बीच आम लोगों को जाम की परेशानी से न जूझना पड़े।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
