स्लॉटर हाउस प्रमाणन में आईडी-पासवर्ड आवंटन को लेकर घमासान, पशु चिकित्सा संघ ने निदेशक पर लगाए गंभीर आरोप
पशु चिकित्सकों को आईडी-पासवर्ड न देने से रुका प्रमाणन कार्य, मीट एक्सपोर्ट प्रभावित होने की आशंका; संघ ने पशुधन मंत्री को भेजा पत्र
उन्नाव। प्रदेश में स्लॉटर हाउसों के संचालन और मीट एक्सपोर्ट से जुड़े प्रमाणन कार्य को लेकर नया विवाद सामने आया है। उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ ने पशुधन मंत्री को पत्र भेजकर निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डॉ. राजेंद्र प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का दावा है कि पशु वधशालाओं में प्रमाणन कार्य के लिए नामित पशु चिकित्सकों को समय से आईडी और पासवर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके चलते प्रमाणन प्रक्रिया प्रभावित हो गई है और मीट एक्सपोर्ट रुकने की स्थिति बन गई है।
संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार द्वारा 6 जून 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि निदेशक कार्यालय की ओर से जिन पशु चिकित्सकों को वधशालाओं के प्रमाणन कार्य के लिए नामित किया गया था, उनके ई-मेल पते उपलब्ध कराने के निर्देश तो दिए गए, लेकिन संबंधित चिकित्सकों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड जारी नहीं किए गए। इसके कारण पूर्व में नामित चिकित्सकों के कार्यमुक्त होने के बाद नई व्यवस्था लागू नहीं हो सकी और प्रमाणन कार्य बाधित हो गया।
व्हिसल ब्लोअर के हवाले से लगाए गए आरोप
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक व्हिसल ब्लोअर ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर आरोप लगाया है कि वधशालाओं के संचालकों से कथित तौर पर 5 से 5 लाख रुपये तक की सौदेबाजी किए जाने की चर्चा है। संघ ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
भ्रष्टाचार की आशंका जताई
पशु चिकित्सा संघ ने अपने पत्र में कहा है कि कई दिन पहले चिकित्सकों को नामित किए जाने के बावजूद आईडी-पासवर्ड आवंटन में विलंब होना संदेह पैदा करता है। संघ का आरोप है कि इस देरी के पीछे भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पत्र में यह भी कहा गया है कि तीन जनपदों में पशु चिकित्सकों की नामांकन प्रक्रिया में हुई देरी भी जांच का विषय होनी चाहिए।
पूर्व में भी उठ चुके हैं सवाल
गौरतलब है कि हाल ही में स्लॉटर हाउसों के संचालन, प्रमाणन प्रक्रिया और पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई स्तरों पर सवाल उठे हैं। विभागीय अधिकारियों की भूमिका और वधशालाओं के निरीक्षण संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में पशु चिकित्सा संघ द्वारा सीधे पशुधन मंत्री को भेजे गए इस पत्र ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
जांच और कार्रवाई की मांग
संघ ने पशुधन मंत्री से मांग की है कि निदेशक स्तर पर पूरे मामले की जांच कराई जाए, संबंधित चिकित्सकों को तत्काल आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराए जाएं तथा प्रमाणन कार्य को सुचारु रूप से शुरू कराया जाए, ताकि मीट एक्सपोर्ट और वधशालाओं का संचालन प्रभावित न हो।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
