गोद में बच्चे, सामने जलभराव...पानी में डूबे रास्ते पर महिलाओं का आक्रोश
महिलाओं ने सड़क पर किया जोरदार प्रदर्शन
- प्रशासन से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर में बुधवार काे गोद में बच्चाें काे लेकर मेड़िया गांव की महिलाओं ने सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। सीखड़ विकासखंड के मेड़िया गांव की इन महिलाओं का कहना है कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बाद हालात बदतर हो गए हैं। गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर तीन से चार फीट तक पानी भर जाने से आवागमन लगभग ठप हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे बड़ी परेशानी मरीजों और बुजुर्गों को लेकर है। किसी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।
बच्चे भी नहीं जा पा रहे स्कूल
जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों का स्कूल जाना प्रभावित है। वहीं ग्रामीणों का दैनिक कामकाज भी बाधित हो रहा है। गंदगी के बीच जमा पानी से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने साफ-सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकालने के लिए मोनोब्लॉक पंप लगाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन दूसरे मोहल्ले की महिलाओं के विरोध के कारण पानी निकालने का काम नहीं हो सका।
राजमार्ग पर आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल सड़क को ऊंचा कराने और गांव में स्थायी पक्की नाली एवं जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चुनार-अदलपुरा राजमार्ग-74 के पास बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। प्रेमलता सिंह, नीलम पटेल, रीता पटेल, नेहा पटेल, सुधा, आलोक सिंह, रामशिला, सुशीला, शिवलाल प्रजापति समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में जलनिकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था कराने की मांग की।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
