मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की जनता के नाम लिखी पाती
लखनऊ । मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की जनता के नाम चिठ्ठी लिखी है। उन्हाेंने अपने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पाण्डुलिपियों को भारत की आत्मा का अध्याय मानते हैं।

ये खबर भी पढ़े : मुख्यमंत्री ई-ट्राईसाइकिल योजना: दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा निःशुल्क आवागमन का सहारापीढ़ियों से संचित ज्ञान का लाभ आज हम इसलिए ले पा रहे हैं, क्योंकि ये पाण्डुलिपियां हजारों वर्षों से ज्ञान चेतना जाग्रत करती रहीं। वेद, उपनिषद, रामायण जैसे ग्रंथ हमारी धराेहर हैं। पाण्डुलिपियाें में गणित, विज्ञान, दवा और कला का ज्ञान है।यह हमारी संस्कृति और साेच काे दिखाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आग्रह करता हूं कि पाण्डुलिपियों के संरक्षण के लिए आगे आएं। अब तक लगभग सात लाख पाण्डुलिपियों की पहचान की जा चुकी है। यदि आपके पास भी कोई प्राचीन पाण्डुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ, ताड़पत्र आदि उपलब्ध हैं, तो इसकी जानकारी 'ज्ञान भारतम् मोबाइल ऐप' अथवा पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि उसका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है।
