पढ़ाई की जगह आरामगाह बनी कैमिस्ट्री लैब, जांच की जरूरत
प्रयोगशाला में खाट डालकर बिछाई चादर, धूल फांक रहे उपकरण; विवाद के बाद अफसरों ने लिया संज्ञान
उन्नाव। शहर के प्रतिष्ठित राजा शंकर सहाय इंटर कॉलेज की कैमिस्ट्री लैब में खाट और बिस्तर मिलने का मामला सामने आया है। जिस प्रयोगशाला में विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रयोगों के माध्यम से व्यवहारिक ज्ञान दिया जाना चाहिए, वहां खाट डालकर चादर बिछी मिलने से विद्यालय की कार्यप्रणाली और लैब के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं प्रयोगशाला में रखे कई उपकरणों पर धूल जमी होने की बात भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि बुधवार को कैमिस्ट्री लैब में खाट मिलने के बाद प्रभारी प्रधानाचार्य और एक शिक्षक के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने पर विद्यालय प्रबंधन को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद अधिकारियों ने भी विद्यालय पहुंचकर मामले का संज्ञान लिया।
लैब की खाट का खुलेगा राज
प्रयोगशाला में खाट किसके निर्देश पर और किस उद्देश्य से रखी गई थी, यह जांच का विषय है। इसके साथ ही प्रयोगात्मक उपकरणों के नियमित उपयोग और उनके रखरखाव की स्थिति की भी जांच जरूरी है। यदि उपकरण लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहे हैं तो विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक शिक्षा पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत चल रहा कायाकल्प
गौरतलब है कि विद्यालय में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आधुनिकीकरण और कायाकल्प का कार्य चल रहा है। ऐसे में कैमिस्ट्री लैब में शैक्षिक उपकरणों के साथ खाट और बिस्तर का मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रयोगशाला का वास्तविक उपयोग किस प्रकार हो रहा था और वहां खाट किसके निर्देश पर रखी गई थी।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
