प्रतापगढ़। शासन एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 राममोहन मीना की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में किसानों एवं कृषक संगठनों के प्रतिनिधियों ने खेती-किसानी, पशुपालन, दुग्ध खरीद, फसल बीमा और उर्वरक बिक्री से जुड़ी विभिन्न समस्याएं उठाईं। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह ने उपस्थित किसानों एवं कृषक संगठनों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए किसान दिवस के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने पिछले किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं के निस्तारण की प्रगति से भी अवगत कराया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से अपनी समस्याएं एवं सुझाव लिखित रूप में उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समय से निस्तारण कराया जा सके। उन्होंने जनपद में संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के संबंध में सभी संबंधित विभागों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि गांवों में 40 किसानों का समूह गठित कर डेयरी व्यवसाय संचालित किया जा सकता है। समूह को डेयरी संचालन के लिए विभाग की ओर से अनुदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। दूध क्रय करने के बाद प्रत्येक सप्ताह भुगतान की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है। सीडीओ ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में समूह के माध्यम से डेयरी संचालित नहीं हो रही है, वहां समूह गठित कर डेयरी व्यवसाय शुरू कराया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गौशाला से निराश्रित गोवंश लेकर पालन करने वाले व्यक्ति को प्रति पशु प्रतिदिन 50 रुपये की धनराशि दी जाती है। एक व्यक्ति अधिकतम चार पशुओं का पालन कर सकता है।
किसानों ने पशुओं का टीकाकरण नहीं किए जाने तथा ग्राम कठार में संचालित गौशाला में जानवरों को छोड़ दिए जाने की शिकायत की। इस पर सीडीओ ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को तत्काल मौके का निरीक्षण कर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विकासखंड संडवा चंद्रिका के अन्तू निवासी किसान संदीप मिश्रा ने अन्तू बाजार में उर्वरक विक्रेताओं द्वारा यूरिया निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायत की। सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि अधिकारी को शिकायतकर्ता के साथ उसी दिन अन्तू बाजार की उर्वरक दुकानों पर छापेमारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाए।
विकासखंड लक्ष्मणपुर के जेठवारा निवासी अनन्त सिंह तोमर ने बताया कि उनके गांव में दुग्ध क्रय समिति द्वारा दूध की खरीद नहीं की जा रही है। भारतीय किसान यूनियन महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पम्मी सिंह ने किसानों को बैंक के माध्यम से बीमा क्लेम के भुगतान में हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। वहीं, बाबा बेलखरनाथधाम विकासखंड के ग्राम दिलीपपुर निवासी शीला पाल ने जनपद में पशुओं की भी गणना कराए जाने का अनुरोध किया।
सीडीओ ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों एवं आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव, उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार सहित क्षेत्राधिकारी सदर, अधिशासी अभियंता सिंचाई, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, अधिशासी अभियंता विद्युत, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मत्स्य अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी, जिला प्रबंधक अग्रणी बैंक, जिला प्रबंधक फसल बीमा, डीडीएम नाबार्ड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।