आरक्षण रिफॉर्म को लेकर 21 अगस्त को दिल्ली में आंदोलन
सवर्ण आर्मी ने जंतर-मंतर पहुंचने का किया आह्वान
राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे बोले- आरक्षण जाति नहीं, आर्थिक और सामाजिक जरूरत के आधार पर हो, आंदोलन को बताया समान अवसर और न्याय की मांग
लखनऊ । आरक्षण रिफॉर्म को लेकर 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया गया है। इसी क्रम में सवर्ण समाज की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर विचार रखे। बैठक में मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर 21 अगस्त को दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की बात कही।
सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय और समानता स्थापित करना है। इसे राजनीतिक नफा-नुकसान से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में आरक्षण को राजनीतिक लाभ के नजरिये से देखा जा रहा है और राजनीतिक दलों में अधिक से अधिक आरक्षण देने की होड़ लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण जाति के आधार पर नहीं, बल्कि जरूरतमंद और वंचित लोगों को समान अवसर देने के उद्देश्य से होना चाहिए। उनके मुताबिक प्रत्येक जाति और वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार मौजूद हैं। ऐसे में व्यवस्था में सुधार की जरूरत है, ताकि किसी भी समाज या वर्ग के खिलाफ भेदभाव किए बिना योग्य और जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि उनका अभियान किसी समाज, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य समान अवसर, योग्यता और न्याय की मांग को सामने रखना है। उन्होंने कहा कि उनका संदेश स्पष्ट है—“ना किसी से अधिक, ना किसी को कम।” हर भारतीय को उसकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में सुधार को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि इक्वालिटी, जस्टिस, मेरिट और नेशन फर्स्ट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जाति व्यवस्था और जाति प्रमाणपत्र के मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जाति व्यवस्था खत्म करने की बात की जाती है तो जाति प्रमाणपत्र की व्यवस्था पर भी विचार होना चाहिए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद आरक्षण रिफॉर्म अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यह किसी एक व्यक्ति, परिवार, जाति या वर्ग की लड़ाई नहीं, बल्कि उन परिवारों की आवाज है जिनके युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और मौजूदा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता महसूस करते हैं।
बैठक के दौरान 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया। मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर आंदोलन में भाग लेने की सहमति जताई।इस अवसर पर अवधेश चौबे, गोविंद तिवारी, राधेश्याम दुबे, सियाराम तिवारी, सियाराम दुबे, अमित कुमार समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
