'वृक्षारोपण महायज्ञ–2026 पर्यावरण संरक्षण सम्मान' से सम्मानित हुए बृजेश शर्मा
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर बृजेश शर्मा "वृक्षारोपण महायज्ञ–2026 पर्यावरण संरक्षण सम्मान" से सम्मानित
मनोज शर्मा
- जन्मदिन से गृहप्रवेश तक, हर खुशी में वृक्षारोपण करने की अपील
बाराबंकी।जनपद में पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने में उल्लेखनीय योगदान के लिए जिला पर्यावरण समिति के सदस्य बृजेश शर्मा को "वृक्षारोपण महायज्ञ–2026 पर्यावरण संरक्षण सम्मान" से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश शर्मा जी द्वारा सदस्य विधान परिषद अंगद सिंह , जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह वर्मा जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह एवं प्रभागीय वनाधिकारी आकाश बधावन की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें पृथ्वी को हरित एवं स्वच्छ बनाने, वृक्षारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने में दिए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
ये खबर भी पढ़े : 'मैं IAS अफसर हूं...' कहकर रचाई शादी, फिर 40 लाख की डिमांड : बरेली की 'फर्जी अफसर दुल्हन' गिरफ्तार
सम्मान प्राप्त करने के उपरांत बृजेश शर्मा ने कहा कि "वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की अमूल्य पूंजी हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के प्रत्येक शुभ अवसर को वृक्षारोपण से जोड़ दे, तो हमारा समाज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन सकता है।"
उन्होंने समाज से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन, विवाह, विवाह वर्षगाँठ, गृहप्रवेश, बच्चों के जन्मोत्सव तथा अन्य सभी शुभ अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसके संरक्षण का संकल्प भी लें। जब किसी शुभ अवसर की स्मृतियाँ किसी वृक्ष से जुड़ती हैं, तो परिवार की भावनाएँ भी उस वृक्ष के साथ जीवनभर जुड़ी रहती हैं और उसका संरक्षण स्वतः सुनिश्चित हो जाता है।
श्री शर्मा ने विशेष रूप से कहा कि बेटी की विदाई के अवसर पर यदि बेटी और दामाद अपने हाथों से एक पौधा लगाएँ, तो वह पौधा केवल एक वृक्ष नहीं रहता, बल्कि दो परिवारों के प्रेम, अपनत्व, संस्कार और रिश्तों का जीवंत प्रतीक बन जाता है। जैसे-जैसे वह वृक्ष विकसित होता है, वैसे-वैसे दोनों परिवारों के बीच आत्मीयता और स्नेह का बंधन भी और अधिक मजबूत होता जाता है। यह परंपरा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भारतीय पारिवारिक संस्कृति को भी नई दिशा प्रदान कर सकती है।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि "पौधा तभी लगाएँ, जब उसके संरक्षण का भी संकल्प लें। एक सुरक्षित वृक्ष आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, हरित पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य का अमूल्य उपहार देता है।"
यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बृजेश शर्मा के सतत प्रयासों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनसेवा के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने उन्हें इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके इस अभिनव संदेश से वृक्षारोपण एक जनआंदोलन का रूप लेगा और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई चेतना का संचार होगा।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
