दागी कम्पनी फिर सीएम की सामूहिक विवाह योजना में शामिल !
-कानपुर में मुकदमे और जांच के बाद हुई थी ब्लैकलिस्ट
लखनऊ में उसी कम्पनी को टेंडर की जांच के बाद मिली जगह
अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल,सीडीओ ने बैठाई जांच
लखनऊ। राजधानी में सीएम से जुडी योजनाओं में अजब गजब खेल हो रहा है। आरोप है कि सीएम सामूहिक विवाह योजना पर एक ही सिंडिकेट ने कब्जा कर रखा है। और यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। आरोप है कि जिस कम्पनी ने सीएम सामूहिक विवाह योजना में धांधली की उसे ही बिड में शामिल कर लिया गया। आरोप है कम्पनी ने कॉलम 12 में मांगे गए शपथ पत्र को भी झूठा लगाया। ताकि वह अधिकारियों की आंखो में धूल जहां सके। हलांकि इस मामले में डीएम और सीडीओ से शिकायत होने के बाद विभाग में खलबली मची हुई है। मामले में सीडीओ लखनऊ प्रफुल्ल कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।
मामला लखनऊ में सीएम सामूहिक विवाह योजना से जुड़ा हुआ है। एक कम्पनी पर वर्ष 2023 में कानपुर में हुए सीएम सामूहिक विवाह योजना में मुरादबाद की मेसर्स छवि इंटरप्राइजेज पर धांधली का आरोप लगा था। जिसके बाद तत्कालीन सीडीओ ने मामले की जांच कराई और मामला सही पाए जाने पर कम्पनी के खिलाफ नामजद मुकदमा लिखाया था। इसके साथ ही कम्पनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक़ कम्पनी को सीधे निदेशायल से होने वाली बीडो से बाहर कर दिया गया है।
वहीं, सूत्रों को मुताबिक़ बीते 17 जुलाई को जेम पोर्टल के जरिये लखनऊ में आयोजित होने वाले सीएम सामूहिक योजना के लिए टेंडर जारी हुआ था। आरोप है कि अन्य सभी कंपनियों को किनारे करते हुए तीन कंपनियों को ही टेकिनिक्ली वेरिफाई किया गया। जिसमे छवि इंटरप्राइजेज पर वर्ष 2023 के अप्रैल में कानपुर के नवाबगंज में मुकदमा दर्ज हुआ था। जबकि पीवीआर इंटरप्राइजेज को पिछले वर्ष भी लखनऊ में आयोजित सीएम सामूहिक विवाह योजना में काम किया था।
आरोप यह भी है कि जिस कम्पनी को ब्लैकलिस्ट किया गया और जिस पर मुकदमा है उसे फाइनेंसियल बिड में शामिल कर लिया गया। इससे कई अधिकारियों की भूमिका कर जेम पोर्टल की पारदर्शिता और बीडो पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ऐसी योजनाओं का लाभ एक ही सिंडिकेट उठा रहा है।

मामले में जानकारी की जा रही है। कानपुर नगर की तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी से बात हुई है। उनका कहना है कि निदेशालय की और से गठित कमेटी में जांच के बाद कम्पनी को क्लीन चिट दे दी गई थी। - अंजनी कुमार,समाज कल्याण अधिकारी लखनऊ

इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि ब्लैकलिस्टेड कम्पनी ने गलत दावों और प्रपत्रों के साथ बिड में हिस्सा लिया है तो उसे बाहर किया जायेगा। - प्रफुल्ल कुमार,मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
