बहराइच: खुरपका-मुँहपका निःशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू, डीएम व सीडीओ ने जागरूकता वाहनों को दिखायी हरी झण्डी
बहराइच(तरुणमित्र संवाददाता)। भारत सरकार के सहयोग से खुरपका मुँहपका रोग नियन्त्रण (एफएमडीसीपी) कार्यक्रम अन्तर्गत जनपद बहराइच में 22 जुलाई से 4 सितम्बर 2026 तक टीकाकरण का 8वाँ चरण संचालित किया जायेगा। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास सुनील कुमार धनवंता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय के साथ कलेक्ट्रेट परिसर से बहुउद्देशीय सचल पशु चिकित्सा वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर खुरपका मुँहपका टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। टीकाकरण अभियान के 8वें चरण में सम्पूर्ण जनपद के लगभग 4 लाख 50 हज़ार से अधिक पशुओं के निःशुल्क टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
यह जानकारी देते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजेश उपाध्याय ने बताया कि खुरपका-मुहँपका बीमारी से बचाव के लिए 22 जुलाई से 4 सितम्बर 2026 तक कुल 45 दिवसों के लिए टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक छः माह के अन्तराल पर टीकाकरण अभियान संचालित किया जाता है। खुरपका-मुहँपका बीमारी पशुओं में होने वाली एक घातक जानलेवा बीमारी है, जो कि एक विषाणु जनित रोग है। यह बीमारी मुख्यतः गाय, बैल, भैंस, भेड़, बकरी तथा सूकरों में होती है, जो रोगग्रसित पशुओं के सम्पर्क में आने और साथ में खाने पीने से फैलती है। इस बीमारी में पशु को 104 से 106 डिग्री फॉरेनाहइट तक तेज बुखार आना, मुँह से झाग नुमा लार का गिरना, चप-चपाहट की आवाज, मुँह, जीभ तथा थनों एवं खुरों के बीच में छाले पड़ जाते हैं। पशु का अत्यधिक दुर्बल होना, उत्पादकता में कमी तथा गर्भित पशुओं का गर्भपात हो जाना इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं।
सीवीओ डॉ. उपाध्याय ने बताया कि रोग की उग्र अवस्था में यह सभी लक्षण उग्र रूप से प्रकट होते है तथा इसमें पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है। रोग से मुक्त हो जाने के पश्चात पशु के स्वस्थ होने में काफी समय लगता है। उन्होंने बताया कि इस रोग से बचाव हेतु एक ही उपाय खुरपका मुँहपका का टीकाकरण है। पशुपालकों को सुझाव दिया है कि स्वस्थ्य पशुओं को बीमार पशुओं से अलग रखें। उन्होंने पशुपालकांे से अपील की है कि टीकाकरण टीम के गॉव पहुॅचने पर पशुओं का टीकाकरण अवश्य करायें ताकि आपके सभी पशुधन इस खतरनाक बीमारी से बचे रहें। उन्होंने बताया कि टीकाकरण पूर्णतयः निःशुल्क है। यदि किसी पशुपालक को कोई समस्या हो तो 7985023215 पर सुझाव/समस्या हेतु सम्पर्क किया जा सकता है।
सीवीओ डॉ. उपाध्याय ने बताया कि टीकाकरण अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में 28 टीमें गठित की गयी हैं। सभी टीमों के दिवसवार रूट चार्ट निर्धारित किया गया है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि खुरपका मुँहपका नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत 6 माह से कम आयु के बच्चों तथा 8 माह से अधिक गर्भित पशुओं का टीकाकरण नही किया जायेगा। डा. उपाध्याय ने बताया कि घोड़ा व गदहा इस रोग से पीड़ित नही होते हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 15 वर्षों का अनुभव रखने वाले अरुण अग्रवाल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बहराइच ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और संतुलित कवरेज के साथ वह लगातार समाचारों पर काम कर रहे हैं।
