अलीगंज अग्निकांडः ध्वस्तीकरण आदेश के बाद बिल्डर ने खुद तोड़ा अवैध निर्माण
एलडीए ने जारी किया था ध्वस्तीकरण आदेश
- निर्माण की वैधता पर सवाल, साक्ष्य देने के लिए मिला 15 दिन का समय
लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर-डी में जिस भवन में अग्निकांड हुआ था, सोमवार को उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गयी। एलडीए द्वारा जारी ध्वस्तीकरण आदेश के अंतर्गत बिल्डर ने स्वयं ही अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया है।
एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला व अन्य द्वारा अलीगंज के सेक्टर-डी में भूखण्ड संख्या-एम0एस0-102 पर अवैध रूप से व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया गया था। जिसके विरूद्ध विहित प्राधिकारी द्वारा दिनांक-23.06.2026 को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम की धारा-27(1) के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया था। इसमें विपक्षी को स्थल पर किये गये निर्माण कार्य की वैद्यता के सम्बंध में 15 दिन के अंदर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये थे। 7 जुलाई को विहित प्राधिकारी न्यायालय में प्रकरण की पहली सुनवायी की गयी। जिसमें विपक्षी के अधिवक्ता की अपील पर आपत्ति दर्ज करने के लिए एक दिन का समय दिया गया।
जोनल अधिकारी ने बताया कि स्थल पर उपस्थित विपक्षी के प्रतिनिधियों को बरसात के मौसम के दृष्टिगत स्थल पर समस्त सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं। लापरवाही से किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर समस्त जिम्मेदारी विपक्षी की होगी।
इस सम्बंध में पत्र भी जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि नोटिस के मुताबिक 25 जुलाई, 2026 को समय अवधि पूरी होने के उपरांत स्थल पर जांच की जाएगी। ध्वस्तीकरण आदेश का अनुपालन न पाये जाने पर प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
