लम्पी स्किन रोग पर अलर्ट, बिजनौर प्रशासन ने कसी कमर
बिजनौर में पशु बाजार और अंतरराज्यीय पशु परिवहन पर रोक
रामनाथ सिंह
बिजनौर। सीमावर्ती राज्यों में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जनपद में गोवंश एवं महिषवंशीय पशुओं के अंतरराज्यीय परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के साथ ही अगले आदेश तक पशु बाजार एवं पशु मेलों के आयोजन पर भी रोक लगा दी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में लम्पी स्किन रोग के मामले सामने आए हैं। बिजनौर सीमावर्ती जिला होने के कारण संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यह वायरस जनित संक्रामक रोग मच्छरों, मक्खियों एवं अन्य वाहक कीटों के माध्यम से तेजी से फैलता है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पूरे जिले में विशेष सर्विलांस अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्थान पर संदिग्ध या संक्रमित पशु मिलने पर तत्काल नियंत्रणात्मक कार्रवाई, रिंग टीकाकरण तथा संक्रमण रोकने के अन्य आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अन्य राज्यों से आने वाले गोवंशीय पशुओं को तभी प्रवेश मिलेगा, जब उनके पास पूर्ण टीकाकरण का वैध चिकित्सा प्रमाण-पत्र होगा और उसका विवरण भारत पशुधन ऐप पर अपलोड होगा। साथ ही पशुपालक के आधार नंबर और पशुओं की ईयर टैगिंग का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
