मीरजापुर में निजी अस्पताल के पास मिला सरकारी दवाइयों का ढेर, जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र के गैपुरा चौकी अंतर्गत गैपुरा चौराहे के पास रविवार काे एक निजी शिशु एवं बाल चिकित्सालय के बगल सैकड़ों पैकेट सरकारी दवाइयां मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विजयपुर-सर्रोंई से महज 200 मीटर दूर सरकारी दवाओं की खेप मिलने के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बरामद दवाओं में कुछ एक्सपायरी डेट की हैं, जबकि अधिकांश दवाएं अभी भी उपयोग योग्य हैं। सरकारी दवाएं निजी अस्पताल के पास किन परिस्थितियों में फेंकी गईं, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं बता रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पुनीत अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर सरकारी दवाइयों का वीडियो वायरल होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच के लिए डॉ. शमित कुमार, डॉ. पीयूष कुमार और आशुतोष सिंह की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसे तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पुनीत अग्रवाल ने बताया कि मामले से मुख्य चिकित्साधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है। जांच में यदि किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर मरीज सरकारी अस्पतालों में दवाओं के लिए भटकते हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयां इस तरह मिलने से दवा वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
