लखनऊ के पीजीआई में रेडियोलॉजी शिक्षा में एक नया मानदंड स्थापित
‘कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग मास्टरक्लास’ का शुभारंभ
- देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने की सहभागिता
लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में ‘ पीजीआई रेडियोलॉजी कोर्सेज ’ का सफल शुभारंभ किया गया। पहला मॉड्यूल ‘ कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग मास्टरक्लास ’ था। जिसे प्रदेश के प्रथम व्यापक, हैंड्स-ऑन कार्डियोथोरेसिक इमेजिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में रेडियोलॉजी शिक्षा में एक नया मानदंड स्थापित किया है। ये जानकारी प्रो.डॉ.अर्चना गुप्ता ने दी।
रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.अर्चना गुप्ता ने बताया रेडियोलॉजी कोर्सेज की संस्थापक के दूरदर्शी नेतृत्व में किया गया। रेडियोलॉजी शिक्षा को संरचित, चिकित्सकीय दृष्टि से प्रासंगिक एवं कौशल-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से नई दिशा देने की उनकी प्रतिबद्धता इस विशिष्ट शैक्षणिक मंच की स्थापना में महत्वपूर्ण रही।
कार्यक्रम की कोर्स सेक्रेटरी डॉ.अनुराधा सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने इस वैज्ञानिक कार्यक्रम के नियोजन एवं सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें एम्स , नई दिल्ली , टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई , ज्यूपिटर हॉस्पिटल , मुंबई , यूएन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी, अहमदाबाद , बनारस हिंदू विश्वविद्यालय , डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान , मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ , टेली रेडियोलॉजी सॉल्यूशंस तथा पीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञ शामिल थे।
प्रो. डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि एसजीपीजीआई रेडियोलॉजी कोर्सेज का उद्देश्य ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम विकसित करना है, जो सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक चिकित्सकीय दक्षता के बीच की दूरी को कम करें। उन्होंने कहा कि भविष्य की रेडियोलॉजी शिक्षा को संरचित सोच, साक्ष्य-आधारित रिपोर्टिंग तथा सहभागितापूर्ण शिक्षण पर आधारित होना चाहिए, जिससे युवा रेडियोलॉजिस्ट आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बदलती आवश्यकताओं का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
