संविदा कर्मियों की छंटनी और कार्यभार से 2 माह में 36 मौतें, संघर्ष समिति ने जताई चिंता

संघर्ष समिति से तत्काल वार्ता कर संविदा कर्मियों को न्याय देने की मांग

Published By Harshit
On
Harshit Picture
By Harshit

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच संविदा कर्मियों पर असहनीय कार्यभार डाल दिया गया है। पिछले लगभग दो माह में बिजली व्यवस्था बनाए रखने के दौरान लगभग 36 संविदा कर्मियों की मृत्यु होना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक स्थिति है। संघर्ष समिति का कहना है कि इन दुर्घटनाओं के पीछे केवल तकनीकी कारण नहीं, बल्कि पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन की गलत नीतियों के चलते संविदा कर्मियों पर कार्य का बहुत अधिक भार, कर्मचारियों की भारी कमी तथा संविदा कर्मियों का लगातार शोषण प्रमुख कारण हैं।

संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण और  वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी की गई है तथा आज भी छंटनी का सिलसिला जारी है। परिणामस्वरूप जहां पहले किसी फॉल्ट पर चार कर्मचारियों की गैंग कार्य करती थी, वहीं अब अकेले एक संविदा कर्मी को पूरे गैंग का कार्य करने के लिए भेजा जा रहा है। बढ़ती बिजली मांग के बीच यह व्यवस्था संविदा कर्मियों के जीवन के साथ खिलवाड़ है और दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ गई है।

कॉंग्रेस के जिला कार्यालय संगठन सृजन अभियान के तहत जिला व शहर कांग्रेस की संयुक्त बैठक संपन्न ये खबर भी पढ़े : कॉंग्रेस के जिला कार्यालय संगठन सृजन अभियान के तहत जिला व शहर कांग्रेस की संयुक्त बैठक संपन्न

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन निजीकरण की नीति को लागू करने की जल्दबाजी में संविदा कर्मियों के साथ शोषण की पराकाष्ठा कर रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए आउटसोर्स निगम के गठन का निर्णय लिया गया था, किंतु ऊर्जा निगमों के प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर स्वयं को इस व्यवस्था से बाहर रखने का प्रयास किया। शासन द्वारा इस पर स्पष्ट उत्तर दिए जाने के बावजूद आज तक ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम के दायरे में नहीं लाया गया है।

संघर्ष समिति ने कहा कि न्यूनतम वेतन की बात तो दूर, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित रु 18,000 प्रतिमाह भुगतान भी अधिकांश संविदा कर्मियों को नहीं मिल रहा है। अत्यधिक कार्यभार, अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, कम वेतन और लगातार हो रहे शोषण के कारण संविदा कर्मियों का जीवन संकट में है। इससे पहले इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों की मृत्यु की घटनाएं कभी सामने नहीं आई थीं।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में संविदा कर्मियों के साथ मारपीट और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। ऐसे माहौल में निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और अधिक कठिन होता जा रहा है।

संघर्ष समिति ने आगाह किया कि आने वाले जुलाई एवं अगस्त महीनों में बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे समय यदि कर्मचारियों की कमी, संविदा कर्मियों का शोषण और नियमित कर्मचारियों का उत्पीड़न जारी रहा तो बढ़ी हुई बिजली मांग को पूरा करना अत्यंत कठिन होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि— मार्च 2030 से अब तक हटाए गए सभी संविदा कर्मियों को तत्काल सेवा में वापस लिया जाए,  संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम के दायरे में लाकर शासन के निर्देशों का तत्काल पालन किया जाए, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित रु 18,000 प्रतिमाह सहित सभी वैधानिक सुविधाएं प्रत्येक संविदा कर्मी को सुनिश्चित की जाएं, फॉल्ट पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की गैंग भेजी जाए तथा अकेले कर्मचारी से जोखिमपूर्ण कार्य कराना तत्काल बंद किया जाए, नियमित कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों का उत्पीड़न और उनके साथ हो रही मारपीट की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए, निजीकरण एवं दमन की नीति छोड़कर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के साथ तत्काल वार्ता कर समस्याओं का समाधान किया जाए।

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने अपनी मनमानी, दमनात्मक एवं शोषणकारी नीतियों में तत्काल सुधार नहीं किया और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन की होगी।

लेखक के बारे में

Harshit Picture

हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

नवीनतम

गुरु तेग बहादुर एजुकेशनल एकेडमी के छात्र का वायुसेना में चयन, विद्यालय का बढ़ा गौरव

सूरज शर्मा की सफलता पर विद्यालय में खुशी का माहौल, ट्रॉफी देकर किया सम्मानित
गुरु तेग बहादुर एजुकेशनल एकेडमी के छात्र का वायुसेना में चयन, विद्यालय का बढ़ा गौरव

तिरंगे के सम्मान का विद्यार्थियों ने लिया संकल्प, सिराथू महाविद्यालय में निकली जागरूकता रैली

कौशाम्बी। जिले के राजकीय महाविद्यालय सिराथू, कौशाम्बी में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति सम्मान, राष्ट्रप्रेम और नागरिक जागरूकता की...
उत्तर प्रदेश 
तिरंगे के सम्मान का विद्यार्थियों ने लिया संकल्प, सिराथू महाविद्यालय में निकली जागरूकता रैली

अबान की मौत का वीडियो वायरल, हादसे की जांच में जुटी पुलिस

झांसी। माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने...
उत्तर प्रदेश 
अबान की मौत का वीडियो वायरल, हादसे की जांच में जुटी पुलिस

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का ईडी दफ्तर घेराव

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विराेध में प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन करते हुए...
छत्तीसगढ़ 
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का ईडी दफ्तर घेराव

औषधि विभाग की टीम ने दवा स्टोर पर मारा छापा, लगाई रोक

बरेली। ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर औषधि विभाग की टीम ने बुधवार को सुभाषनगर क्षेत्र स्थित बिलनकिट से जुड़े मेडिकल...
उत्तर प्रदेश 
औषधि विभाग की टीम ने दवा स्टोर पर मारा छापा, लगाई रोक

उत्तर प्रदेश

तिरंगे के सम्मान का विद्यार्थियों ने लिया संकल्प, सिराथू महाविद्यालय में निकली जागरूकता रैली

कौशाम्बी। जिले के राजकीय महाविद्यालय सिराथू, कौशाम्बी में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति सम्मान, राष्ट्रप्रेम और नागरिक जागरूकता की...
उत्तर प्रदेश 
तिरंगे के सम्मान का विद्यार्थियों ने लिया संकल्प, सिराथू महाविद्यालय में निकली जागरूकता रैली

अबान की मौत का वीडियो वायरल, हादसे की जांच में जुटी पुलिस

झांसी। माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने...
उत्तर प्रदेश 
अबान की मौत का वीडियो वायरल, हादसे की जांच में जुटी पुलिस

औषधि विभाग की टीम ने दवा स्टोर पर मारा छापा, लगाई रोक

बरेली। ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर औषधि विभाग की टीम ने बुधवार को सुभाषनगर क्षेत्र स्थित बिलनकिट से जुड़े मेडिकल...
उत्तर प्रदेश 
औषधि विभाग की टीम ने दवा स्टोर पर मारा छापा, लगाई रोक

मोहसिन रजा ने सीएम योगी से वक्फ घोटालों की मांगी जांच

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार को पूर्व मंत्री मोहसिन रज़ा ने भेंट कर वक्फ बोर्डों में...
उत्तर प्रदेश 
मोहसिन रजा ने सीएम योगी से वक्फ घोटालों की मांगी जांच