बीकेटी तहसील परिसर में हंगामा, एसडीएम कोर्ट में अध्यक्ष से अभद्रता
बख्शी का तालाब। तहसील बख्शी का तालाब परिसर बुधवार को उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब एक अधिवक्ता ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ सरेआम अभद्र व्यवहार कर दिया। खुले न्यायालय में हुई इस बदसलूकी से वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकेटी बार एसोसिएशन ने त्वरित कार्रवाई की है। एसोसिएशन ने आरोपी वकील सूर्य वीर विक्रम बहादुर सिंह चौहान को संगठन की प्राथमिक सदस्यता से 5 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से तहसील परिसर से लेकर बार काउंसिल तक हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आज तहसील बीकेटी में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की अदालत में सामान्य दिनों की तरह मामलों की सुनवाई चल रही थी। कोर्ट रूम में कई मामलों के पैरोकार और वकील मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर वकील सूर्य वीर विक्रम बहादुर सिंह चौहान और बीकेटी बार एसोसिएशन के मौजूदा अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह के बीच बहस शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सूर्य वीर विक्रम बहादुर सिंह अपनी मर्यादा भूल गए। उन्होंने खुले कोर्ट रूम में ही अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के खिलाफ बेहद अमर्यादित और तीखी भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। एसडीएम कोर्ट के भीतर हुए इस हंगामे से वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग सन्न रह गए।
अध्यक्ष के साथ हुई इस सरेआम बदसलूकी की खबर आग की तरह पूरे तहसील परिसर में फैल गई। वकीलों ने इसे पूरी बार एसोसिएशन के सम्मान पर ठेस माना। घटना के तुरंत बाद बीकेटी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में मौजूद सभी वकीलों ने इस अमर्यादित व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। वकीलों का कहना था कि, बार के मुखिया के साथ इस तरह का बर्ताव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इससे वकीलों की छवि धूमिल होती है।
लंबी चर्चा के बाद एसोसिएशन ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया। बार एसोसिएशन के महामंत्री जितेंद्र बहादुर सिंह ने आधिकारिक तौर पर घोषणा करते हुए बताया कि सूर्य वीर विक्रम बहादुर सिंह चौहान को 5 साल के लिए एसोसिएशन से निष्कासित कर दिया गया है। महामंत्री ने बताया कि, वकीलों के मान-सम्मान और गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। इस कार्रवाई की लिखित जानकारी बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश और बीकेटी के एसडीएम को भेज दी गई है ताकि आरोपी वकील के खिलाफ आगे की जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
