जेन अल्फा: सड़क पर उतरीं 250 छात्राएं, हाईवे पर भीषण जाम
फ्लैग-8 किमी पैदल चलीं छात्रायें, पीछे भागती रही खाकी, प्रमुख सचिव को लगे ढाई घंटे
-शिक्षकों की कमी को लेकर मोहन रोड सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं ने भरी हुंकार— -बीते दिनों ऐसे ही बगल के सर्वोदय विद्यालय के तमाम छात्रों ने किया था चक्का जाम— -दोनों सरकारी स्कूल समाज कल्याण विभाग करता है संचालित, असीम अरूण हैं मंत्री
लखनऊ। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित सरकारी सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। 14 अगस्त को छात्रों द्वारा एक्सप्रेसवे जाम करने और राज्यमंत्री असीम अरुण को रास्ते में रोकने के बाद सोमवार को मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की करीब 250 छात्राएं भी सड़क पर उतर आईं। तेज बारिश के बीच छात्राओं ने मोहन रोड से दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे तक मार्च कर चक्काजाम कर दिया। इससे हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
सुबह करीब सात बजे शुरू हुए प्रदर्शन में छात्राएं डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। काफी देर तक जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर छात्राएं डीएम आवास की ओर पैदल ही निकल पड़ीं। करीब आठ किमी दूर बालागंज चौराहे पर एडीसीपी धनंजय और एसीपी काकोरी शकील अहमद के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। अधिकारियों ने समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर छात्राओं की बातचीत कराई और समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद छात्राएं वापस विद्यालय लौटने को तैयार हुर्इं।
पुलिस पर गंभीर आरोप, भाई को उठाने का दावा!
प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा ने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे उसके भाई पुरुषोत्तम, रोहित और अन्य लोगों को पुलिस जबरन अपने साथ ले गई। छात्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से उन्हें धमकी दी गई। आक्रोश में छात्रा ने पुलिस को चेतावनी भी दी, हालांकि उसके साथी छात्राओं ने उसे बीच में ही रोक दिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिजिक्स, केमिस्ट्री व बॉया के टीचर नहीं, मैथ्स की अवकाश पर!
छात्राओं का कहना रहा कि विद्यालय में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। विरोध के बीच समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव और निदेशक संजीव सिंह विद्यालय पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने छात्राओं से करीब ढाई घंटे तक बंद कमरे में बातचीत की। प्रमुख सचिव ने बताया कि फिजिक्स और मैथ्स की शिक्षिकाएं मातृत्व अवकाश समेत अन्य अवकाश पर हैं। जल्द ही शिक्षकों की स्थायी व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया है। छात्रओं ने पढ़ाई के साथ संवाद की कमी, स्कूल टाइमिंग, वार्डन और स्पोर्ट्स टीचर से जुड़ी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने इन समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
क्या बोले जिम्मेदार मंत्री...!
असीम अरुण,समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा सर्वोदय विद्यालयों में अंशकालिक अध्यापकों का चयन पिछले साल किया गया था। उनसे जुड़ा मामला हाई कोर्ट में है जिसके चलते ये अध्यापक अनुपस्थित हैं। सोमवार कोर्ट में तारीख थी। हमने अपना पक्ष रखा। उम्मीद है कि आज कोर्ट का आदेश आ जाएगा और इन अध्यापकों को हम वापस लेंगे। चयन प्रक्रिया पर कोर्ट ने सवाल उठाया उसे भी हम ठीक करेंगे।
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