जनता के भरोसे चल रही है सरकार, किसी दल की मेहरबानी से नहीं : मुख्यमंत्री विजय
चेन्नई । तमिलनाडु विधानसभा के चालू सत्र का समापन मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय के जवाबी भाषण के साथ हो गया। सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के विभिन्न आरोपों का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने करूर घटना, कानून-व्यवस्था, नशीले पदार्थों की तस्करी, सामाजिक न्याय, गठबंधन राजनीति और राज्य की आर्थिक स्थिति सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में करूर मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना में 41 लोगों की मौत बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि ऐसी त्रासदी का दर्द कभी समाप्त नहीं हो सकता। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस घटना को राजनीतिक रंग देते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विपक्ष द्वारा यह आरोप लगाए जाने पर कि उनकी सरकार अन्य राजनीतिक दलों के समर्थन और कृपा से चल रही है, मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार किसी दल की मेहरबानी से नहीं, बल्कि जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अब एक नया हथियार लेकर आए हैं। कहा जा रहा है कि उनकी मेहरबानी से हमारी सरकार चल रही है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह सरकार जनता की मेहरबानी से चल रही है। यह सरकार अंतरात्मा वाली लोकतांत्रिक शक्तियों के समर्थन से बनी है और जनता के विश्वास पर आगे बढ़ रही है।”
उन्होंने गठबंधन राजनीति का बचाव करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सहयोगी दलों को सरकार में प्रतिनिधित्व देना सामान्य प्रक्रिया है। यदि गठबंधन सहयोगियों को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाता है तो उस पर आपत्ति जताने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है।
सामाजिक न्याय के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति समुदाय के आठ सदस्यों को मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा सरकार में चार महिला मंत्री भी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार सामाजिक प्रतिनिधित्व, समान अवसर और समावेशी विकास की अवधारणा को मजबूती देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
राज्य की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के समय प्रदेश की वित्तीय स्थिति संतोषजनक नहीं थी। सरकार बनने के तुरंत बाद उन्होंने जनता और विधानसभा से कुछ समय मांगा था ताकि आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार वित्तीय अनुशासन और विकासोन्मुख नीतियों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में सफल होगी।
कानून-व्यवस्था और नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी को लेकर मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर आलोचना को सुनने के लिए तैयार है क्योंकि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है, न कि राजशाही। उन्होंने सवाल किया कि राज्य में नशीले पदार्थों के बढ़ते नेटवर्क को शुरुआती चरण में नियंत्रित करने में विफल कौन रहा। उनके अनुसार वर्तमान सरकार पिछली सरकारों की नीतिगत कमियों से उत्पन्न समस्याओं का समाधान कर रही है।
मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष द्वारा टीवीके सरकार को किसी दल की “बी-टीम” बताए जाने के आरोप को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी की बी-टीम नहीं है, बल्कि “पीपुल्स टीम” है और उसका एकमात्र उद्देश्य जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने स्वतंत्र रूप से निर्णय लेकर उनकी सरकार का समर्थन किया है और इसे किसी राजनीतिक सौदेबाजी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री विजय ने अपने विशिष्ट अंदाज में कहा, “एक्शन कर रहा हूं।” उनके इस संवाद के साथ ही सदन में हलचल और उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री का यह अंदाज सत्र के अंतिम दिन की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल रहा।
इससे पहले सत्र की शुरुआत आज विधानसभा के पूर्व सदस्यों ए. चिन्नासामी और वी.एस. कालीमुथु के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़कर की गई। सदन ने दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।----
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
