शोर-शराबे से नाराज सांसद हनुमान बेनीवाल ने माइक फेंककर छोड़ा मंच
शोर-शराबे से नाराज होकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने छोड़ा भाषण
- आरएलपी कार्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए
चूरू। नागौर सांसद एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख हनुमान बेनीवाल देर रात चूरू जिले के छापर कस्बे में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान शोर-शराबे से नाराज हो गए। कई बार समझाने के बावजूद कुछ युवाओं के शांत नहीं होने पर उन्होंने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया, मंच पर माइक फेंक दिया और कार्यक्रम छोड़कर रवाना हो गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
छापर में रतनगढ़ रोड स्थित आरएलपी कार्यालय का उद्घाटन कार्यक्रम रविवार शाम निर्धारित था, लेकिन बेनीवाल रात करीब साढ़े 11 बजे कार्यक्रम में पहुंचे। सभा में चार से पांच हजार लोगों की भीड़ मौजूद थी। उन्होंने करीब 40 से 45 मिनट तक संबोधित किया। इसी दौरान सामने बैठे कुछ युवाओं ने लगातार शोर-शराबा और नारेबाजी शुरू कर दी।
ये खबर भी पढ़े : दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में अजमेर कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी का पुतला फूंकासंबोधन के दौरान बेनीवाल ने कई बार युवाओं से शांत रहने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। जब शोर नहीं रुका तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि व्यवधान जारी रहा तो वे दोबारा यहां नहीं आएंगे और बिना भाषण पूरा किए चले जाएंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या शोर मचाने वालों को किसी विरोधी ने भेजा है और आयोजकों से ऐसे लोगों को नियंत्रित करने को कहा।
सांसद ने अपने संबोधन में चूरू की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिले के लोगों के संघर्ष में साथ देने के कारण उनकी प्रदेशभर में कई राजनीतिक दुश्मनियां हुईं, लेकिन उन्होंने हमेशा लोगों की लड़ाई लड़ी। इसके साथ ही उन्होंने आयोजकों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी थी।
लगातार व्यवधान से क्षुब्ध बेनीवाल ने अंत में माइक मंच पर फेंक दिया और भाषण बीच में ही समाप्त कर कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। घटना के बाद सभा में मौजूद लोग भी हैरान रह गए, जबकि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
