जमशेदपुर में बाढ़ का खौफ, खतरे के निशान से ऊपर खरकई नदी
चांडिल डैम से लगातार पानी की निकासी
- नदी खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है
पूर्वी सिंहभूम। जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी रविवार सुबह भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि जलस्तर में गिरावट का रुझान सामने आने से फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर चांडिल डैम, गांजिया बराज और गालूडीह बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
जमशेदपुर बाढ़ नियंत्रण कक्ष, सुवर्णरेखा भवन आदित्यपुर की ओर से आज जारी रिपोर्ट के अनुसार, आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर 129.21 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर निर्धारित है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि रिपोर्ट में जलस्तर में कमी आने की जानकारी दी गई है, जिसे फिलहाल राहत का संकेत माना जा रहा है।
चांडिल डैम में आज सुबह जलस्तर 179.27 मीटर दर्ज किया गया। डैम में कुल 423.05 एमसीएम पानी का संचय है। जलदबाव को नियंत्रित करने के लिए डैम से कुल 763.89 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 748.89 क्यूमेक पानी सुवर्णरेखा नदी में तथा 15 क्यूमेक पानी मुख्य नहर में छोड़ा जा रहा है। पानी की निकासी के लिए चांडिल डैम के 13 रेडियल गेट, दो रिवर स्लूइस गेट और दो इमरजेंसी स्लूइस गेट खुले हुए हैं। इतनी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण सुवर्णरेखा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
आदित्यपुर स्थित गांजिया बराज से भी बड़ी मात्रा में पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। आज सुबह बराज का जलस्तर 134.50 मीटर दर्ज किया गया। बराज के सभी आठ फाटक खोलकर 1013.09 क्यूमेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। गांजिया बराज से पानी की इस निकासी का असर खरकई नदी के प्रवाह पर पड़ने की संभावना है। यही वजह है कि खरकई नदी के जलस्तर में आने वाले घंटों के दौरान होने वाले बदलाव को लेकर प्रशासन सतर्क है।
मानगो ब्रिज के पास सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर आज सुबह 119.60 मीटर दर्ज किया गया। वहीं गालूडीह बराज का जलस्तर 92.40 मीटर रहा। गालूडीह बराज से छह स्लूइस गेट और तीन केनाल गेट के जरिए कुल 1878.27 क्यूमेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है।
इससे सुवर्णरेखा के जलप्रवाह में भी बदलाव की संभावना बनी हुई है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थिति पर नजर रखने तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण वहां के जलाशयों से भी पानी छोड़ा जा रहा है। इसका सीधा असर खरकई और सुवर्णरेखा नदियों के जलप्रवाह पर पड़ रहा है। ऐसे में जमशेदपुर और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और विभिन्न जलाशयों एवं बराज से होने वाली पानी की निकासी पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संबंधित विभागों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है।
फिलहाल खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन इसमें गिरावट का रुझान लोगों और प्रशासन के लिए राहत की बात है। इसके बावजूद चांडिल डैम, गांजिया बराज और गालूडीह बराज से जारी पानी की निकासी तथा ओडिशा में बारिश की स्थिति को देखते हुए अगले कुछ घंटों में खरकई और सुवर्णरेखा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।
ऐसे में नदी के आसपास तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की गई है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
