अमरनाथ यात्रा 2026: 3 जुलाई से बाबा बर्फानी के दर्शन शुरू, जानिए रजिस्ट्रेशन, यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी नियम

Published By Shishir Patel
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नई दिल्ली/जम्मू। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए बहुप्रतीक्षित अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ 3 जुलाई से होने जा रहा है। करीब दो महीने तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त को संपन्न होगी। यात्रा से पहले केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नई दिल्ली में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय का जायजा लिया।

हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों को देखते हुए इस यात्रा के लिए पहले से तैयारी और नियमों की जानकारी बेहद जरूरी मानी जाती है।

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दो मार्गों से होगी बाबा बर्फानी की यात्रा

श्रद्धालु इस वर्ष भी दो अधिकृत मार्गों से अमरनाथ गुफा तक पहुंच सकेंगे। पहलगाम मार्ग पारंपरिक और सबसे लोकप्रिय रास्ता माना जाता है। यह मार्ग जम्मू से पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए पवित्र गुफा तक पहुंचता है। लगभग 32 किलोमीटर लंबा यह रास्ता अपेक्षाकृत आसान माना जाता है क्योंकि बीच-बीच में विश्राम और चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था रहती है। इसका बेस कैंप नुनवान में बनाया गया है।वहीं बालटाल मार्ग दूरी के लिहाज से छोटा है। लगभग 14 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर चढ़ाई अधिक खड़ी होने के कारण यह चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसका बेस कैंप बालटाल में स्थित है और यात्रा दोमेल व बरारी मार्ग से आगे बढ़ती है।

श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुविधाएं

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट सिटी, विश्राम स्थल और शिविर तैयार किए गए हैं। नुनवान, बालटाल, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रमुख पड़ावों पर रात्रि विश्राम की सुविधा उपलब्ध रहेगी।सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन दोनों मार्गों पर मुफ्त लंगर, पीने का पानी और हल्का भोजन उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, सेना, सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियों की ओर से मेडिकल कैंप, ऑक्सीजन सुविधा, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी तैनात रहेंगी। श्रद्धालुओं के सामान की सुरक्षा के लिए क्लॉक रूम, वाहनों के लिए पार्किंग और जरूरतमंद यात्रियों के लिए पोनी, पिट्ठू और पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

इस बार हेलीकॉप्टर सेवा नहीं

इस वर्ष यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने सुरक्षा कारणों से यात्रा अवधि तक पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित किया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को पैदल अथवा पोनी और पालकी के माध्यम से ही पवित्र गुफा तक पहुंचना होगा।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगा पंजीकरण

श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार लोगों का पंजीकरण किया जा सकेगा। आवेदन के साथ अधिकृत चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा जम्मू के निर्धारित केंद्रों और देशभर में अधिकृत बैंक शाखाओं के माध्यम से भी उपलब्ध कराई गई है। पंजीकरण के बाद श्रद्धालुओं को बायोमेट्रिक सत्यापन कराकर आरएफआईडी कार्ड लेना अनिवार्य होगा। इस कार्ड के बिना किसी भी यात्री को आगे यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।

ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव

यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के काफिले को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके कारण नव्युग टनल सहित कई प्रमुख मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही निर्धारित समय के अनुसार नियंत्रित रहेगी। प्रशासन ने सभी यात्रियों से निर्धारित ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है।

यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान

विशेषज्ञों की सलाह है कि यात्रा से कम से कम एक माह पहले नियमित पैदल चलने का अभ्यास शुरू करें। योग और प्राणायाम के माध्यम से शरीर की ऑक्सीजन क्षमता बढ़ाएं तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। यात्रा के दौरान सांस लेने में तकलीफ, चक्कर या अत्यधिक थकान महसूस होने पर तुरंत निकटतम चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। शराब, धूम्रपान और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है। ऊंचाई पर होने वाली किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इन जरूरी सामानों के बिना यात्रा न करें

श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते, टॉर्च, ट्रैकिंग स्टिक, फर्स्ट एड किट, आवश्यक दवाइयां, सनस्क्रीन, धूप का चश्मा, मोबाइल के लिए वाटरप्रूफ कवर तथा पहचान पत्र और यात्रा संबंधी सभी दस्तावेज अपने साथ रखने की सलाह दी गई है।

अभेद सुरक्षा घेरे में होगी यात्रा

इस बार अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाई गई है। सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना, स्वास्थ्य विभाग, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस तथा सिविल प्रशासन संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। पूरे यात्रा मार्ग, बेस कैंप और संवेदनशील इलाकों में लगातार मॉक ड्रिल की जा रही है। अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम, हाईटेक निगरानी नेटवर्क, सीसीटीवी कैमरे और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला सीआरपीएफ कर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।

प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं। इस बार का लक्ष्य केवल यात्रा का सफल संचालन ही नहीं, बल्कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक धार्मिक अनुभव उपलब्ध कराना भी है।

लेखक के बारे में

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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।

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