तेलंगाना के जुराला प्रोजेक्ट पर भारी तनाव, पानी की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन
फसलें बचाने के लिए पानी छोड़ने की मांग पर अड़े किसान और BRS कार्यकर्ता
पुलिस के साथ हाथापाई, कई हिरासत में
हैदराबाद। तेलंगाना के जोगुलम्बा गडवाल जिले में जुराला प्रोजेक्ट के आसपास तनाव की स्थिति तब बन गई, जब पुलिस ने बीआरएस नेताओं और किसानों को प्रोजेक्ट की ओर जाने से रोक दिया।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने किसानों के आंदोलन के समर्थन में और फसलें बचाने के लिए पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर बांध पर धरने का आह्वान किया था।बांध के आस-पास तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोका, जिससे बहस तेज हो गई। जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की घेराबंदी तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो हाथापाई हो गई।
पुलिस ने पूर्व विधायक चित्तम राममोहन रेड्डी समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बड़ी संख्या में किसान और बीआरएस कार्यकर्ता बांध की ओर मार्च करने के लिए अलग-अलग जगहों पर इकट्ठा हुए।
19 सितंबर से ही बांध को लेकर तनाव बढ़ रहा था, जब कुछ किसानों ने पानी छोड़ने में संबंधित अधिकारियों की उदासीनता से नाराज थे। हालांकि, बाद में किसी भी घटना को रोकने के लिए बांध पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
बीआरएस के विरोध-प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पार्टी नेताओं के अनुसार, बांध के आसपास 12 किलोमीटर के दायरे में हर कदम पर पुलिसकर्मी तैनात थे।सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और ट्रैफिक रोकने व जांच करने के लिए पुलिस की गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। इससे आत्माकुर-गडवाल हाईवे पर ट्रैफिक रुक गया।
विरोध प्रदर्शन को नाकाम करने के लिए पुलिस ने जिले में कई जगहों पर लोगों को नजरबंद किया और हिरासत में लिया।पूर्व मंत्री निरंजन रेड्डी और लक्ष्मा रेड्डी उन लोगों में शामिल थे, जिन्हें नजरबंद किया गया। बीआरएस के मंडल-स्तरीय नेताओं को सुबह से ही एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था।
किसान मांग कर रहे हैं कि अधिकारी उनकी फसलों, खासकर धान की फसल को बचाने के लिए पानी छोड़ें। हालांकि, अल नीनो और वरिष्ठ अधिकारियों से मंजूरी न मिलने का हवाला देते हुए प्रोजेक्ट के अधिकारी पानी नहीं छोड़ रहे थे।किसानों ने अधिकारियों के इस दावे का विरोध किया कि खेती के लिए पानी छोड़ने से पीने के पानी की सप्लाई पर असर पड़ेगा।
प्रोजेक्ट की मौजूदा लाइव क्षमता 5.1 टीएमसी फीट है, जबकि इसकी कुल क्षमता 8.81 टीएमसी फीट है। इस बीच, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने पानी के लिए विरोध कर रहे किसानों और बीआरएस नेताओं को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने की निंदा की। उन्होंने मांग की कि तेलंगाना सरकार तुरंत जुराला आयाकट के किसानों के लिए सिंचाई का पानी छोड़े और खड़ी फसलों की रक्षा करे।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
